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यूपी पुलिस टीम को कमरे में बंद कर कुत्ते से क’टवाया, पटना गई थी छापेमारी करने

पटना के फुलवारीशरीफ थाना इलाके के गोपालनगर में चोरी मामले में आरो’पित संजय अग्रवाल उर्फ संजय गुप्ता की गिर’फ्तारी के लिये छापे’मारी करने पहुंची उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल के जीआरपीएफ के दारोगा अब्बास हैदर व अन्य पुलिसकर्मियों पर जा’नलेवा ह’मला किया गया।

The UP police team was locked in the room and cut it with a dog had gone to  Patna to raid in the case of theft - यूपी पुलिस टीम को कमरे

यूपी पुलिस की टीम को एक कमरे में बंद कर मार’पीट की गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों को जर्मन शेफर्ड ब्रीड के कुत्ते से कटवाया गया। मारपीट के दौरान दारोगा के अलावा दो अन्य जीआरपी के सिपाही को हल्की चोट आयी है। दारोगा के साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मी किसी तरह भाग निकले और अपनी जान बचायी।

बाद में जख्मी दारोगा को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस मामले में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। आरोपित को ले जाते वक्त भी पुलिस पर रोड़ेबाजी की गई।

यूपी के दारोगा अब्बास ने बताया कि उनके साथ दो सिपाही ललन सिंह व एक अन्य फुलवारीशरीफ के गोपाल नगर में चोरी मामले में छापेमारी करने गए थे। स्थानीय पुलिस भी साथ में थी। आरोपित के घर को मंगलवार की रात सत्यापित कर लिया गया था। बुधवार की दोपहर जब पुलिस आरोपित संजय अग्रवाल उर्फ संजय गुप्ता के घर पहुंची तो वह उसी जगह था।

पुलिस ने जैसे ही संजय को पकड़ा, उसके घर में मौजूद आठ से दस लोगों ने हमला कर दिया। इसी दौरान आरोपित को उसके घरवालों ने छुड़ा लिया। आरोपित संजय की पत्नी ने रोड़ेबाजी कर दी, जिससे दारोगा का सिर फट गया। संजय के बेटे सन्नी ने कुत्ते को पुलिसवालों पर छोड़ दिया। कुत्ते ने दारोगा के पैर में काटा। संजय मूल रूप से खुसरूपुर का रहने वाला है।

भाग रहा आरोपित पकड़ा गया
भाग रहे आरोपित को अन्य पुलिसकर्मियों ने बगल के घर की छत पर पानी टंकी के पास पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस संजय को थाना ले आयी। लेकिन पीछे से उसकी पत्नी और बेटा वहां पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

क्या था मामला : 
यूपी के कानपुर सेंट्रल के जीआरपीएफ के दारोगा के मुताबिक बीते पांच जून को पटना से दिल्ली जाने वाली मगध ट्रेन के एसी सेकेंड से मुकेश पांडेय दिल्ली जा रहे थे। वे अपने ससुराल आरा शादी में आये हुए थे। मुकेश का बैग लेकर संजय कानपुर में उतर गया था। उसमें नगद समेत जेवरात मिलाकर 12 लाख रुपये के सामान थे।

इस मामले में पीड़ित ने जीआरपीएफ कानपुर सेंट्रल में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। सीसीटीवी कैमरे में बैग लेकर संजय को उतरते देखा गया। छानबीन में पता चला कि बैग ले जाने वाला रंजन कुमार श्रीवास्तव गैंग का सदस्य संजय अग्रवाल है। रंजन का गैंग कई राज्यों में ट्रेन में लूटपाट, चोरी व अन्य घटनाओं को अंजाम देता है। गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं। संजय का पूरा परिवार पहले भी जेल जा चुका है। संजय सिकंदराबाद, मध्यप्रदेश, मुंबई, झारखंड समेत कई राज्यों से जेल जा चुका है।

दो अपराधी ट्रेन में सवार थे
पांच जून को संजय ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। उसके साथ गोपी अग्रवाल भी था। दोनों ने टिकट में अपना पता मिथिला कॉलोनी, नासरीगंज, दानापुर दे रखा था। यह पता संजय के भाई सुनील का है। सुनील भी कुछ दिन पूर्व ही जेल से छूटकर बाहर आया है। घटना के दिन उसने पटना से कानपुर व कानपुर से भुवनेश्वर का टिकट लिया था। लेकिन कानपुर के बाद वह पटना आ गया और भुवनेश्वर के टिकट को रद्द करवा दिया।

चोरी के पैसों से बनवाया आलिशान मकान 
यूपी के दारोगा अब्बास हैदर के मुताबिक संजय ने ट्रेन में चोरी कर फुलवारीशरीफ के गोपालनगर में आलिशान बंगला बनवाया है। हाल फिलहाल में उसने एक कपड़े का कारखाना भी खोला है। वहीं फुलवारी थानेदार ने बताया कि आरोपित की संपत्ति की आर्थिक अपराध इकाई से जांच करवाने के लिये पत्र लिखा जायेगा।

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