समस्तीपुर : जिले के 188 स्कूलों में एजेंसी की मदद से स्थापित बिल्ड ऑन ऑपरेट (बीओओ) मॉडल आइसीटी लैब के बंद होने के बाद अब संबंधित एजेंसी को भुगतान करने से पहले बीईपी कार्यालय समस्तीपुर जांच-पड़ताल करना चाह रही है. इसके लिए डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन ने सभी एचएम को पत्र भेज कर संलग्न प्रपत्र में सूचना तलब की है ताकि पारदर्शिता के साथ भुगतान किया जा सके.

डीपीओ एसएसए ने सूचीबद्ध 188 विद्यालयों से जानकारी मांगी है कि विभागीय दिशा-निर्देश के आलोक में लगाये गये कंप्यूटर में से कितने कंप्यूटर 31 जनवरी तक कार्यरत थे. साथ ही कंप्यूटर से जुड़े अन्य इनपुट व आउटपुट डिवाइस की क्या स्थिति रही ताकि एजेंसी को उसकी व्यवस्था की तस्वीर दिखा भुगतान किया जा सके. डीपीओ एसएसए ने भी स्पष्ट कर दिया है कि एचएम के रिपोर्ट की समीक्षोपरान्त जरूरत पड़ने पर वेरिफिकेशन किया जायेगा.



तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक योगेंद्र सिंह ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक को पत्राचार कर कहा था कि इस प्रकार के लैब को बंद कर अगले वित्तीय वर्ष से बिल्ड ऑन ऑपरेट ट्रांसफर (बीओओटी) मॉडल पर किया जायेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी को बीओओ मॉडल की आईसीटी लैब का संचालन कर रही कंपनियों का अनुबंध तय समय के अंदर रद्द कर विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया गया था.



बिल्ड ऑन ऑपरेट मॉडल की आईसीटी लैब को बंद करने के पीछे कई कारण हैं. ज्ञात हो कि वर्ष 2023 में शिक्षा विभाग के आदेश पर बू-मॉडल (एजेंसी) की मदद से जिले के 188 स्कूलों में आइसीटी लैब स्थापित की गई थी.



























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