पूर्णिया समाहरणालय स्थित अनुसचिवीय क्लब में बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ का तीसरा महासमागम हुआ. इसमें शामिल हुए पूर्णिया एवं कोसी प्रमंडल के पंचायत सचिवों ने हल्ला बोल लंबित नौ सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की.

पंचायत सचिवों ने कहा कि अब वे हकमारी बर्दाश्त नहीं करेंगे. यह आरोप लगाया गया कि पंचायती राज विभाग कुंडली मारकर बैठे पदाधिकारियों द्वारा पंचायत सचिवों के हक को दबाकर रखा गया है. पंचायत सचिव पिछले दो मई से ही हड़ताल पर हैं और वे अबने मांगों पर अडिग हैं.


संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार, महामंत्री राकेश रंजन एवं राज्य संयोजक सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि आज भी पदाधिकारियों के द्वारा पंचायत सचिवों के नौ सूत्री मांग की संचिका को दबाया जा रहा है.


पंचायत सचिवों ने मांगों के मामले में पंचायती राज विभाग की उदासीनता पर फोकस किया और कहा कि इस विभाग के कारण पंचायत सचिवों की हड़ताल लम्बी चलने की संभवाना प्रबल हो गयी है. इसकी सारी जिम्मेवारी पदाधिकारियों की होगी.


कहा गया कि 8054 पंचायतों में विकास कार्य ठप है. प्रदेश अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष धनजंय कुमार ठाकुर ने कहा कि दो मई से नौ सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं, यदि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो सबंधित मंत्री का घेराव करते हुए उग्र आंदोलन किया जाएगा.


संघ की नौ सूत्री मांगों में स्थानातंरण एवं पदस्थापन नियमावली में सुधार ,पंचायत सचिवों का ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 2800 करने, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पद पर प्रोन्नति की उम्र सीमा समाप्त करने, सेवा संपुष्टि का अभियान चलाने, 2000 यात्रा भत्ता के साथ-साथ परिवहन भत्ता देने, पदोन्नति हेतु पद चिह्नित करने,कार्यरत ,सेवानिवृत्त एवं मृत पंचायत सचिवों को एसीपी एमएसीपी का लाभ अविलंब देने आदि प्रमुख रूप से शामिल हैंं.
















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