सकरी-हरनगर रेलखंड का विद्युतीकरण कार्य पूरा हुए साल भर से अधिक गुजर जाने के बावजूद इस लाइन में पुराने डीजल इंजन के सहारे ही गाड़ियां चल रही हैं. साथ ही इस खंड पर ट्रेनों के परिचालन प्रारंभ होने के 17 साल बीत जाने के बावजूद लंबी दूरी की एक भी गाड़ी नहीं दी गयी है.

विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों को मूलभूत सुविधा भी मयस्सर नहीं हो रहा है. इस खंड पर लोगों द्वारा लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग लगातार की जा रही है, परंतु रेलवे ने लोकल ट्रेनों की संख्या में भी कटौती कर दी है. इस कारण नियमित समय पर लोगों को ट्रेन सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है.


पूर्व में इस रेल खंड पर तीन जोड़ी ट्रेनों का परिलचान होता था. इसमें एक गाड़ी हरनगर से समस्तीपुर तक जाती थी. वर्तमान में मात्र एक जोड़ी ट्रेन ही दरभंगा-हरनगर व हरनगर से दरभंगा के बीच परिचालित हो रही है.


विभागीय उदासीनता के कारण बलहा रेलवे स्टेशन पर बने कर्मियों के आवास के साथ-साथ विशाल कार्यालय भवन खंडहर में तब्दील होता जा रहा है. कई लोगों ने इसपर अनधिकृत रूप से कब्जा जमाकर मवेशियों का आशियाना बना रखा है. इसकी भी रेल प्रशासन अनदेखी कर रहा है.


इतना ही नहीं, ठहराव परिसर में समुचित विद्युत की व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम ढलते ही स्टेशन परिसर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है.


स्थानीय प्रो. सुरेश प्रसाद सिंह का कहना है कि इस रेलखंड निर्माण की स्वीकृत मिलते ही लोगों में रेल मार्ग के माध्यम से सीधे महानगर से जुड़ने की आस जगी थी, लेकिन रेल प्रशासन की गलत नीति के कारण यह रेलखंड डेढ़ दशक से उपेक्षित पड़ा हुआ है. इसके प्रति रेल प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उदासीनता बरत रहे हैं.




























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