पटना: जमीन नहीं मिलने के कारण बिहार की कई बड़ी सड़क परियोजनाएं बाधित हैं। कहीं मंदिर शिफ्ट करने का मामला फंस रहा है तो कहीं घर खाली करने का मामला सामने आ रहा है। कहीं कब्रगाह सड़क के बीच में है तो कहीं किसी की निजी जमीन निर्माण एजेंसी को नहीं मिल पा रही है। राज्य में कम से कम ऐसी छह परियोजनाएं हैं जो थोड़ी सी जमीन नहीं मिलने के कारण अटक गई है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही बिहार सरकार इसके लिए नए सीरे से काम शुरू कर रही है।
पररिया-मोहनिया में परसुथा, कोचस और दिनारा में अतिक्रमण की समस्या सामने आ रही है। इससे 5.67 किलोमीटर सड़क का निर्माण फंस गया है। गंगा नदी पर बन रहे शेरपुर-दिघवारा पुल का काम शुरू होना है। लेकिन इसके शुरुआती छोर पर ही कुछ घर को हटाने का मामला फंस गया है। इस कारण निर्माण एजेंसी शुरुआती छोर से आगे बढ़कर काम कर रही है। मुंगेर-मिर्जाचौकी रोड के मुंगेर-खैरा पैकेज में आठ गांव में छह किलोमीटर सड़क का निर्माण फंसा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक इन गांवों में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू नहीं हो सका है। 26 किलोमीटर लंबी इस सड़क में अब तक मात्र छह किलोमीटर ही निर्माण हो सका है। मात्र एक चौथाई ही काम पूरा हो सका है। पटना-गया-डोभी रोड में पाली गांव में एक चहारदीवारी को हटाया जा चुका है। लेकिन बेला और खनेता गांव में मंदिर हटाया जाना बाकी है।
औरंगाबाद-छोरदाहा खंड में गया में किसानों को उस अनुपात में पैसा नहीं दिया जा रहा है जिस अनुपात में जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। इस कारण किसानों ने निर्माण कार्य रोक दिया है। इस तरह की बाधा आते देख पथ निर्माण विभाग ने संबंधित जिला प्रशासन को कहा है कि वह इन मामलों का यथाशीघ्र समाधान कराए ताकि सड़कों का निर्माण कार्य ससमय पूरा किया जा सके।
वाराणसी-औरंगाबाद रोड में कई जिले में जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। कैमूर में 4.35 किलोमीटर जमीन देने के एवज में किसान अधिक पैसा मांग रहे हैं। इस कारण इसका निर्माण कार्य प्रभावित है। विशेषकर कैमूर के 19 गांवों में इस तरह की समस्या आ रही है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एनएचएआई से रेट में संशोधन करने का अनुरोध भी किया है। रोहतास में 1.4 किलोमीटर सड़क निर्माण का मामला भी अधिक दर मांगे जाने के कारण ही अधर में लटक गया है। औरंगाबाद में 2.10 किलोमीटर सड़क किसानों द्वारा अधिक दर मांगे जाने के कारण प्रभावित हो रहा है।
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