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बिहार के सरकारी स्कूल से काट दिए गए अब तक 23 लाख 70 हजार बच्चों के नाम, केके पाठक के फरमान पर कार्रवाई

बिहार: लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के नाम स्कूल से काटने का काम सितंबर, 2023 से शुरू हुआ, जो अब भी जारी है। आलम यह है कि अब भी प्रतिदिन औसतन एक हजार बच्चों के नाम स्कूलों से काटे जा रहे हैं। जिलों से शिक्षा विभाग को आने वाली रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। दिसंबर माह में अब-तक 16 हजार से अधिक बच्चों के नाम स्कूलों से काटे गए हैं। हालांकि, सितंबर से अब-तक 23 लाख 70 हजार बच्चों के नाम काटे गए हैं।

Education News : Names of 1000 children are being deleted from government  schools of the state every day till now names of 23 lakh 70 thousand  students have been deleted - राज्य

नवंबर माह तक 23 लाख 54 हजार बच्चों के नाम काटे गए थे। स्कूलों से लगातार कई दिनों तक अनुपस्थित रहने वालों बच्चों के नाम काटे जा रहे हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या उन बच्चों की है, जो सरकारी के साथ ही निजी स्कूल में भी नामांकित हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से जिलों को दिये निर्देश में यह साफ कहा गया था कि लगातार 15 दिनों तक स्कूल से अनुपस्थित रहने पर छात्रों के नामांकन रद्द कर दिया जाए। अगर कोई छात्र-छात्रा तीन दिनों तक लगातार अनुपस्थित हैं तो उनके अभिभावक को प्रधानाध्यापक नोटिस देंगे। यह भी निर्देश है कि हर विद्यार्थी की ट्रैकिंग की जाए और देखा जाये कि कहीं वह एक ही साथ दो विद्यालयों में नामांकन तो नहीं कराया है।

ऐसे छात्र नाम कटने के डर से लगातार 15 दिनों तक अनुपस्थित नहीं रहते हैं और बीच-बीच में सरकारी स्कूल में आते रहते हैं। ऐसे छात्र किसी निजी विद्यालय में नियमित रूप से जाते हैं, पर सरकारी योजनाओं की राशि प्राप्त करने के लिए वह दोनों स्कूलों में नामांकन कराए रहते हैं। आपको बता दें कि जिन छात्रों के नाम काट दिए जा रहे हैं उन्हें सरकारी स्कूलों में मिल रही योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति आदि से वंचित कर दिया जाएगा। सुचना थी कि कुुछ छात्र प्राइवेट व सरकारी स्कूलों में दो-दो जगह नामांकन कराकर योजनाओं का दोहरा लाभ लेने की कोशिश कर रहे थे।

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