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#PATNA : विदेशी कॉल को लोकल कॉल में कनवर्ट करने का बड़ा मामला, दो गिरफ़्तार

पटना में टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक तौर पर चुना लगाने का एक बड़ा खेल चल रहा था. विदेश से आए इंटरनेट कॉल को लोकल व्यॉस के रूप में बदल दिया जा रहा था. शातिर बदमाशों ने एक फॉल्स टेलीफोन एक्सचेंज ही बना रखा था. विदेश से आए इंटरनेट कॉल को लोकल व्यॉस कॉल में कंवर्ट करने के लिए शातिर बदमाश हाई क्वालिटी के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे. आम तौर पर इस तरह के तकनीक का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है. खुद को बचाने के लिए आतंकवादी, माओवादी और हवाला कारोबारी के साथ ही जासूस इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं.

टेलीकॉम कंपनियों को चुना लगाने का यह खेल पिछले कई दिनों से चल रहा था. शातिर बदमाशों की यह चलाकी ज्यादा दिन चल नहीं पाई. दरअसल, शातिरों के इस खेल की भनक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को लग गई थी. जिसके बाद से आईबी की एक टीम लगातार इस मामले पर नजर रख रही थी. सवाल देश की सिक्योरिटी के साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाने का भी था. देश की सरकार को भी आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाया जा रहा था. इसलिए आईबी ने इस मामले में ज्यादा देर नहीं की और पटना पुलिस को इसके बारे में इनपुट दे दिया. कॉल को लोकल में कनवर्ट करने का बड़ा खेल, दो अरेस्ट

लाइव सिटीज, पटनाा/अमित जायसवाल : पटना में टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक तौर पर चुना लगाने का एक बड़ा खेल चल रहा था. विदेश से आए इंटरनेट कॉल को लोकल व्यॉस के रूप में बदल दिया जा रहा था. शातिर बदमाशों ने एक फॉल्स टेलीफोन एक्सचेंज ही बना रखा था. विदेश से आए इंटरनेट कॉल को लोकल व्यॉस कॉल में कंवर्ट करने के लिए शातिर बदमाश हाई क्वालिटी के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे. आम तौर पर इस तरह के तकनीक का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है. खुद को बचाने के लिए आतंकवादी, माओवादी और हवाला कारोबारी के साथ ही जासूस इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं.

टेलीकॉम कंपनियों को चुना लगाने का यह खेल पिछले कई दिनों से चल रहा था. शातिर बदमाशों की यह चलाकी ज्यादा दिन चल नहीं पाई. दरअसल, शातिरों के इस खेल की भनक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को लग गई थी. जिसके बाद से आईबी की एक टीम लगातार इस मामले पर नजर रख रही थी. सवाल देश की सिक्योरिटी के साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाने का भी था. देश की सरकार को भी आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाया जा रहा था. इसलिए आईबी ने इस मामले में ज्यादा देर नहीं की और पटना पुलिस को इसके बारे में इनपुट दे दिया.

 

Input : Live Cities

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