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बिहार के सरकारी स्कूलों की किताबों में राष्ट्रगान में गलती, वीर कुंवर सिंह की जीवनी में भी खामियां

भागलपुर: बिहार के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक की पुस्तकों में राष्ट्रगान गलत लिखा हुआ है। यही नहीं सातवीं कक्षा की हिन्दी पुस्तक किसलय में वीर कुंवर सिंह की जीवनी में भी गलत उल्लेख किया गया है। वीर कुंवर सिंह ने अपना दायां हाथ काटा था लेकिन किताब में बांये हाथ का जिक्र है। बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन लिमिटेड की गलती का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं।

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रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान में पंजाब, सिन्ध, गुजरात, मराठा का उल्लेख है। ये सभी प्रांत के नाम हैं, जबकि यहां सिन्ध की जगह सिन्धु नदी के नाम का जिक्र किया गया है। यमुना को यमुन लिखा गया है। किताब में जो राष्ट्र गान लिखा हुआ है उसमें सिन्ध की जगह सिन्धु और तव शुभ नाम जागे में तव की जगर तब लिखा गया है। ये अशुद्धियां किताब के अंतिम पन्ने पर प्रकाशित राष्ट्रगान में है।  किताब में इस तरह की अशुद्धि से बच्चों को भारी परेशानी होती है।

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वही सातवीं कक्षा की हिंदी की पुस्तक किसलय भाग दो के अध्याय पांच में वीर कुंवर सिंह की जीवनी भी गलत छपी हुई है। इसमें यह बताया गया है कि जब वीर कुंवर सिंह गंगा नदी पार कर रहे थे, तब अचानक अंग्रेजों ने हमला कर दिया था। एक गोली उनके बाएं हाथ में लगी थी। जिसके बाद वीर कुंवर सिंह ने अपने बांये हाथ को तलवार से काट लिया था।

जबकि हकीकत यह है कि वीर कुंवर सिंह ने अपना बायां नहीं बल्कि दाये हाथ को काटा था। नये सत्र की पुस्तकों में यह गलती देखी जा रही है। जिसे पढ़ बच्चे गलत जानकारी हासिल कर रहे हैं। भागलपुर के डीपीओ नितेश कुमार ने इस संबंध में कहा कि प्रकाशन में सुधार के लिए वे विभाग को पत्र लिखेंगे। बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन लिमिटेड को भी इसकी जानकारी देंगे।

 

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