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एनडीए में जाएंगे नीतीश? पीएम मोदी के मंत्री आठवले ने कहा- INDIA से बिहार सीएम नाखुश; न्योता भी दिया

पटना: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार को एनडीए में वापस आ जाना चाहिए।  पीएम मोदी के मंत्री ने नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन की मुंबई में होने वाली बैठक में जाने से मना किया है। यह भी कहा कि विपक्ष के महागठबंधन का नाम इंडिया रखे जाने से नीतीश कुमार खुश नहीं हैं क्योंकि यह राहुल गांधी का कॉन्सेप्ट है।

Bihar politics After breaking NDA alliance and leaving BJP this is Nitish  Kumar plan B - NDA गठबंधन तोड़ने और BJP का साथ छोड़ने के बाद ये है नीतीश  कुमार का प्लान

शनिवार को पटना पहुंचे नरेंद्र मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने प्रेस वार्ता के दौरान नीतीश कुमार को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि विपक्षी महागठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखा गया, यह प्रस्ताव राहुल गांधी का था। इसमें नीतीश कुमार की सहमति नहीं थी। इसलिए नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन के इस नाम से खुश नहीं हैं। रामदास आठवले  रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं जो बीजेपी के नेतृत्व वाली नेशनल डेमोक्रेटिक एलाइंस, एनडीए का घटक दल है। उन्होंने नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल होने का खुला ऑफर दे दिया है।

रामदास आठवले ने कहा कि नीतीश कुमार से हमारे तालुकात उस समय से हैं जब रेल मंत्री थे। उन्होंने नीतीश कुमार की बड़ाई भी की और कहा कि वह विकास करने वाले नेता हैं। किसी कारण से आजकल वह आरजेडी के साथ चले गए हैं। लेकिन उम्मीद है कि आरजेडी के साथ ज्यादा दिन नहीं चल पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में विपक्षी दलों की जो बैठक होने वाली है उसमें नीतीश कुमार को नहीं जाना चाहिए क्योंकि उनकी बैठक का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। वहां जाने से कोई फायदा नहीं होने वाला है।

प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हमारे हैं और वह फिर से हमारे पास आ सकते हैं। वह पहले हमारे साथ थे, फिर आरजेडी के पास चले गए हैं।  एक बार फिर वापस आ जाना चाहिए।

इससे पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा है कि सीएम नीतीश ने बीजेपी से बातचीत के दरवाजे अभी तक बंद नहीं किए हैं। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के रूप में दोनों के बीच रास्ता अभी भी खुला है। पीके ने दावा किया कि जब नीतीश कुमार और जदयू एनडीए से अलग हो गए तो जेडीयू राज्यसभा सांसद अभी तक पद पर कैसे बने हुए हैं। पीके ने कहा कि अगर दोनों के बीच रिश्ता नहीं है तो हरिवंश को पद से क्यों नहीं हटाया गया?

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