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पटना: आ’ग लगने से 40 झोपड़ियां रा’ख, एक-एक कर फ’टने लगे सिलेंडर; दमकल पर लोगों ने किया पथ’राव

पटना: राजीव नगर थाने से तीन सौ मीटर की दूरी पर आशियाना-दीघा रोड में शंकर कालोनी में सड़क किनारे बसी झोपड़ीपट्टी में गुरुवार की सुबह आ’ग लग गई। इस भीषण अ’ग्निकांड में 40 झोपड़ियां ज’ल गईं। उसमें रहने वाले 60 परिवारों के आभूषण, नकदी समेत सारा सामान राख हो गया। आग’जनी की सूचना पर दमकल के 18 वाहन मौके पर पहुंचे और करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आ’ग पर काबू पाया जा सका। वहीं, दमकल के पहुंचने में हुई देरी से आक्रोशित लोग पथ’राव करने लगे। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात पर तुरंत काबू पा लिया।

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रेस्क्यू आपरेशन शुरू होने से पहले एक-एक सिलेंडर तेज आवाज के साथ विस्फो’ट करने लगे। इससे इलाके में अफरातफरी मच गई। छोटे-बड़े मिला कर कुल आठ सिलेंडर फ’टने की बात सामने आई है। आसपास के घरों के लोग जरूरी सामान लेकर छतों पर चले गए थे। अग्निशमन विभाग के कंट्रोल रूम में सुबह 11 बजे आ’ग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर तत्काल पांच वाहनों को भेजा गया। झोपड़ियों के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे थे। पुलिस की सूचना पर सबसे पहले इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई।

बताया जाता है कि दमकल के पहुंचने से पहले ही दो सिलेंडर धमा’के के साथ फ’ट गए। इससे आग ने विकराल रूप ले लिया था। रेस्क्यू आपरेशन के दौरान कुछ देर के लिए बाईं फ्लैंक को फ्रेंड्स कालोनी मोड़ से जयप्रकाश नगर नाले तक बंद करना पड़ा था। दमकल की गाड़ियां निकलने के बाद रोड पर परिचालन शुरू हुआ। एक छोटी सी चिंगारी ने दर्जनों घरों की वर्षों से जमाई गृहस्थी को स्वाहा कर दिया। खाने-पीने के सामान से लेकर बर्तन तक आग की भेंट चढ़ गए। इन्हीं झोपड़ियों में रहने वाले कुछ लोगों ने शादी के सामान भी जुटा रखे थे। देर रात लगी आग ने किसी पर रहम नहीं किया और सब कुछ खाक कर दिया।

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जले आशियाने की राख में लोग बचे-कूचे सामान ढूंढ़ने में लगे थे। सरकारी विद्यालय में दूसरी कक्षा का छात्र मंगल जली किताबों को निहार रह रहा था। उसे कलेक्टर बनना है। वहीं, छोटी की मां लालमती राख में बेटी की शादी के लिए खरीदी कान की बालियां, मांग टीका और नथिया खोज रही थीं। उसने लगभग 20 हजार रुपये भी जमा कर रखे थे, जिसे आ’ग ने रा’ख कर दिया।

पटना के राजीव नगर की झोपड़ियों में लगी आग, राख में सामान ढूंढती महिला

अंचलाधिकारी ने पी’ड़ित परिवारों की सूची तैयार की। इसमें फकीरा, मंटू दास, मिथुन दास, सूरजमणि देवी, संतोष, मुन्ना, संजय सहनी, धर्मशिला देवी, राम, लालमती देवी, चुलबुल कुमारी, कमला, अनीता, तीजु दास, राम प्यारी, मीना, सरोज, राजकुमारी, सोनू, चिंता देवी, फुलवा समेत ने अपना नाम दर्ज कराया। समाजसेवियों ने पी’ड़ित परिवारों के लिए खाना-पानी की व्यवस्था की।

 

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