पितृपक्ष मेला-2022 के छह दिन गुजर गए। कोरोना काल के दो साल बाद लगे मेले में पिंडदानियों की भारी भीड़ है। मेला परवान पर है। गुरुवार तक करीब चार लाख तीर्थयात्री आ चुके हैं। देश के विभिन्न प्रांतों से आए पिंडदानी अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए गया पंचकोस की वेदियों पर कर्मकांड कर रहे हैं। तिथि होने के काराण गुरुवार को त्रिपाक्षिक पिंडदान करने वालों की भीड़ विष्णुपद में रही। विष्णुपद मंदिर के बाद मेला क्षेत्र की दुकानों पर तीर्थयात्रियों का हुजूम नजर आ रहा है।
विष्णुचरण से लेकर पूजन वाले बर्तनों की हो रही बिक्री
पिंडदानियों की भीड़ से विष्णुपद के साथ ही अंदर गया (मेला क्षेत्र) की गलियां गुलजार हो गईं हैं। अंदर गया के काठ गच्छी, महतमाना, पिंडबेची, सड़लाही गली, देवघाट, पंच महल्ला, ऊपरडीह सहित विष्णुपद मंदिर से ब्राह्मणी घाट सेन जी ठाकुरबाड़ी और चांदचौरा से देवघाट तक की दुकानों पर भीड़ बढ़ गयी। एक और तीन दिन का पिंडदान संपन्न करने वाले लौटने वाले तीर्थयात्री प्रसाद के अलावा विष्णुचरण से लेकर पूजा के उपयोग में आने वाले बर्तन की खरीदारी कर रहे हैं।
गया महात्मय पुस्तक के अलावा अन्य धार्मिक किताबें खरीद रहे हैं। विष्णुपद के दुकानदार चंदन गुर्दा ने कहा कि त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करने वाले खरीदारी नहीं करते। एक, तीन, पांच दिन वाले कर्मकांड के बाद लौटते हैं तो खरीदारी करते हैं। विष्णुचरण की मांग सबसे ज्यादा है।
पंचमहल्ला के माला और पूजन सामग्री के कारोबारी हीरालाल ने कहा कि विष्णुपद मंदिर में भीड़ बढ़ने के बाद से दुकानों पर विभिन्न प्रदेशों के तीर्थयात्री आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों के बाद भीड़ और बढ़ेगी।

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