बिहार के मुंगेर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में बाढ़ के पानी का अब रिहायशी इलाकों में फैलना शुरू हो गया है.

गंगा नदी लगातार उफान पर है. वहीं, बच्चे उफनती गंगा नदी में अटखेलियां करते देखे जा रहे हैं, ऐसे में यह काफी खत’रनाक साबित हो सकता है. बच्चे गंगा घाट पर जाकर मौज-मस्ती करते देखे जा रहे हैं.

मुंगेर में 56 किलोमीटर लंबा गंगा तट है. साथ ही 1 दर्जन घाट भी बने हुए हैं. गंगा के सभी घाटों पर अब पानी ख’तरे के स्तर को छूने के करीब है. ऐसे में इन घाटों पर अब जिला प्रशासन को स्नान पर अविलंब रोक लगा देनी चाहिए।


कष्टहरणी घाट, बबुआ घाट, सोझी घाट, सीढ़ी घाट और दुमांता घाट के अलावा भी कई गंगा घाटों पर नहाना अब ख’तरे से खाली नहीं है. कुछ घाटों पर तो गंगा का पानी ऊपर चढ़ते हुए समीप की सड़कों तक पहुंच गया है. इसके बावजूद बच्चे घाटों पर नहाते पाए गए हैं.


दर्जनों बच्चे दिन भर उफनती गंगा में नहाते और अटखेलियां करते नजर आते रहते हैं, जबकि घाट के पूरी तरह डूब जाने के कारण गहराई का अंदाजा लगा पाना काफी मुश्किल है. जिस ढंग से बच्चे-बच्चियां बाढ़ के पानी में अटखेलियां करते दिख रहे हैं, उसमें बड़ा हादसा होने की आशंका है.

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इससे कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं. यदि गंगा में पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो कई और नए इलाकों के डूबने का खतरा पैदा हो सकता है.






















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