बिहार की राजनीति में आने वाले तीन-चार दिन काफी अहम हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक अगले दो दिनों में राज्य में चार महत्वपूर्ण दलों के विधायक दल की बैठकें होंगी। इनमें राजद, जदयू, कांग्रेस और हम जैसी प्रमुख पार्टियां शामिल हैं।
गौरतलब है कि 12 अगस्त के बाद खरमास शुरू हो जाएगा और राजनीतिक जानकार बताते हैं कि इससे पहले मतलब 11 अगस्त तक राज्य के अंदर राजनीतिक भूचाल आ सकता है। अब सवाल उठता है कि क्या नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़कर आरजेडी के साथ जाएंगे?
यह सवाल उठना लाजमी भी है क्योंकि एक महीने में ऐसे 4 मौके आए, जब नीतीश कुमार केंद्र सरकार से जुड़ी मीटिंग्स में शामिल नहीं हुए। 17 जुलाई के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी। राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी इस चर्चा में कुमार नहीं पहुंचे।
इसके बाद 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदाई समारोह में भोज आयोजित किया था, जिसमें कुमार नहीं गए। अब 25 जुलाई को मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह से भी बिहार के सीएम ने दूरी बना ली थी।
हालांकि, नीति आयोग की बैठक से कुमार के गायब रहने पर सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कोविड से उबरे 71 वर्षीय कुमार लंबी यात्राओं से बच रहे हैं।
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