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रामदेव की कंपनी के निवेशकों को आखिर क्यूं चु’कानी पड़ी भा’री की’मत, जानें

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह पस्त हो गया है। वहीं, सोयाबीन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका जाहिर की जा रही है। इस हालात की कीमत योगगुरु रामदेव की कंपनी रुचि सोया के निवेशकों को चुकानी पड़ रही है। ख़बरों के मुताबिक, केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया के मुताबिक सोयाबीन की कीमतें करीब 10 साल के उच्चतम स्तर पर चली गई हैं। रूस और यूक्रेन के बीच संघ’र्ष के कारण सूरजमुखी तेल की आपूर्ति पर अनिश्चितता के कारण पाम तेल और सोया तेल की मांग बढ़ रही है।

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अजय केडिया के मुताबिक पाम तेल और सोया तेल की कीमतों में वृद्धि अल्पावधि में नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकती है। आपको बता दें कि रुचि सोया की खाद्य तेल के लिए सोयाबीन पर बड़ी नि’र्भरता है।

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दरअसल, मिली जानकारी के अनुसार, बीएसई इंडेक्स पर रुचि सोया का शेयर भाव करीब 8 फीसदी टूटकर 760 रुपए के भाव पर आ गया। प्रति शेयर के हिसाब से बात करें तो निवेशकों को 62 रुपए का नुकसान हुआ है। कंपनी के मार्केट कैपिटल की बात करें तो 22,400 करोड़ रुपए के स्तर पर है।रूचि सोया की प्रतिद्वंदी अडानी विल्मर के भी निवेशकों को नुकसान हुआ है। एक दिन पहले अपर सर्किट लगने के बाद अब अडानी विल्मर का शेयर भाव 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क चुका है। अडानी विल्मर का शेयर भाव 333 रुपए के स्तर पर है।

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