आरा में डीएम की अध्यक्षता में किसानों की मदद के लिए एक बैठक हुई. इसमें तय किया गया कि किसानों को नई खेती की तकनीक सीखने के लिए राज्य के बाहर और भीतर अलग-अलग रिसर्च इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग दिलायी जाएगी.

प्रगतिशील किसानों के खेतों में घूम कर अन्य किसानों को भी जानकारी दी जाएगी. महिला किसानों के लिए मशरूम पर ट्रेनिंग और उनके उत्पाद बेचने की व्यवस्था की जाएगी. रबी मौसम में किसान चौपाल व कार्यक्रम के जरिए तकनीकी जानकारी साझा करने पर भी जोर दिया गया. बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.



बैठक में तय हुआ कि किसानों को खेती की नई तकनीक सीखने के लिए राज्य के बाहर प्रसिद्ध संस्थानों में भेजा जाएगा. इनमें दलहन अनुसंधान केंद्र कानपुर, सब्जी अनुसंधान केंद्र वाराणसी, बीज अनुसंधान केंद्र मऊ, नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद, पशु चिकित्सा अनुसंधान केंद्र इज्जतनगर, और औषधीय पौधों का केंद्र लखनऊ शामिल हैं.



बिहार के भीतर भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी. पटना का पशु चिकित्सा कॉलेज, सबौर का कृषि विश्वविद्यालय, आईसीएआर पटना और अन्य संस्थानों में किसानों को जानकारी दी जाएगी.



































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