बिहार में कुत्ता, ट्रेक्टर का आवासीय प्रमाण पत्र बनने के बाद सरकारी कर्मियों के कार्यशैली को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया था. वहीं, अब उस मामले के सामने आने बाद अब जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए हैं.

अब यही कारण है कि मुजफ्फरपुर जिले के 2 अलग-अलग प्रखंड में फर्जी नाम से आवासीय बनवाने के लिए किए गए आवेदन को निरस्त कर दिया गया है. जहां एक मुख्यमंत्री तो दूसरा दरिंदा के नाम से आवेदन किया गया है. अब इन दोनों मामलों में FIR दर्ज कराई गई है.



पहला मामला मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड का है. जहां फर्जी तरीके से बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नाम और फोटो लगाकर फर्जी तरीके से आवासीय बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था, जिसमें मोबाइल नंबर भी गलत अंकित किया गया था. जिसके बाद मामला संज्ञान में आने के बाद सरैया के राजस्व कर्मी ने पूरे मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सरैया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद अब सरैया थाना की पुलिस और साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.



एक नया मामला मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड से सामने आया है. यहां के राजस्व कर्मी को एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें आवेदनकर्ता ने अपना नाम दरिंदा पिता का नाम राक्षस और माता का नाम कराफ्टन और आवेदनकर्ता ने फोटो के स्थान पर कार्टून लगाया है. इसके साथ ही पता औराई प्रखंड के खेतलपुर का दिया गया है. यह आवेदन 24 जुलाई को किया गया है.




अब मामला राजस्वकर्मी के संज्ञान में आने के बाद आवेदन को निरस्त कर दिया गया है. इस मामले को लेकर राजस्वकर्मी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए औराई थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.



















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