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कैमूर की अन्नू कैसी बनी कुश्ती की चैंपियन, मुफलिसी में बीता बचपन

कैमूर: बिहार कुश्ती की चैंपियन रेसलर अन्नू गुप्ता हरियाणा में पसीना बहा रही है। कॅरियर संवारने के लिए वह ओलंपियन साक्षी मलिक के कोच रहे कुलदीप मलिक से ट्रेनिंग ले रही है। उसका सपना है राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में बेहतर प्रदर्शन करना। वैसे अन्नू गुप्ता बिहार कुश्ती में ऐसा नाम है, जिसने अपने हौसले से अपने फैसले पर हक जताया और मुकाम भी हासिल किया। आठवीं कक्षा की छोटी उम्र में जब उसने अखाड़े से नाता जोड़ा तो घर में काफी विरोध हुआ। मां ने कहा- बेटी हो, कुश्ती लड़ोगी। पिता ने कहा- बदल लो फैसला। भाई बोले- स्वीकार नहीं। अन्नू ने मन ही मन कहा- मैं नहीं, मेरी सफलता बोलेगी। दो-तीन साल तक कठिन अभ्यास किया और स्टेट कुश्ती का पहला गोल्ड मेडल जीतने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

कैमूर केसरी का खिताब मिला
आठवीं कक्षा की अन्नू का सफर कॉलेज कैम्पस तक पंहुच गया। स्टेट कुश्ती में दर्जनों गोल्ड मेडल व इतनी ही बार नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी है। बीते साल बिहार कुमारी का खिताब जीत सूबे में कैमूर का डंका बजाया। फिर कैमूर केसरी का खिताब जीता तो चमचमाती सुनहली गदा कंधे की शोभा बनी। अन्नू जीबी कॉलेज में स्नातक की छात्रा है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की कुश्ती चैंपियन है।

 

अन्नू की सफलता ने बदला माहौल
अन्नू की सफलता ने माहौल बदल दिया है। अब माता-पिता को बेटी पर गर्व है। भाइयों को बहन पर नाज है और समाज की दुआएं उसे मिल रही है। इस बेमिसाल पहलवान की झोली मेडलों से भरी है। लेकिन, कॅरियर संवारने के लिए संघर्ष से नाता कभी नहीं टूटा।

 

तरक्की में गरीबी बनती रही बाधा
दुर्गावती प्रखंड के आदर्श नुआंव गांव की विद्या देवी व भगवान साह की पुत्री की राह की सबसे बड़ी बाधा गरीबी है। वह कैमूर व्यायामशाला बिछियां में प्रैक्टिस करने लगी। लेकिन, यह सिलसिला ज्यादा दिनों तक नहीं चला। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उसे लड़कों के इस व्यायामशाला में अभ्यास करने से मना कर दिया गया। फिर अन्नू ने यूपी के मिर्जापुर के डीआईजी अखाड़े में अभ्यास करना शुरू किया। बीते एक साल से वह हरियाणा में अभ्यास कर रही है। अन्नू ने बताया कि रेसलिंग के लिए कायदे की डाइट चाहिए। उसका भी इंतजाम मुश्किल से हो पाता है। कुश्ती प्रतियोगिता में मिलने वाले पुरस्कार की राशि से वह अपना खर्च चला रही।

 

 

कैमूर की गोल्डन गर्ल के नाम से पुकारते हैं लोग
कैमूर की पहली राष्ट्रीय महिला पहलवान अन्नू का अब तक का परफॉर्मेंस शानदार रहा है। इस बेमिसाल पहलवान ने स्टेट कुश्ती में कभी किसी से मात खाए बिना 20 गोल्ड मेडल जीते हैं। इसमें पांच गोल्ड मेडल बिहार स्टेट सीनियर रेसलिंग चैंपियनशिप के शामिल हैं। अन्नू ने वर्ष 2021 व वर्ष 2022 में लगातार दो बार बिहार कुमारी का खिताब हासिल किया है। वर्ष 2021 में शाहाबाद केसरी का खिताब भी अपने नाम कर चुकी है। वर्ष 2020 में इसने कैमूर केसरी का खिताब जीता।

कैमूर की गोल्डन गर्ल के नाम से प्रसिद्ध अन्नू का चयन वर्ष 2022 में डब्ल्यूएफआई टूर्नामेंट के लिए हुआ। इसके तहत उत्तराखंड के हरिद्वार में फर्स्ट सीनियर ग्रैंड प्रिक्स टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। इस रैंकिंग टूर्नामेंट में अन्नू ने सातवां स्थान हासिल किया। भारतीय कुश्ती संघ इस टूर्नामेंट में दसवीं रैंक तक के परफार्मर को सर्टिफिकेट देता है। कैमूर की यह बेटी खेलो इंडिया में भी भाग ले चुकी है।

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