देश के 18 प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार गया के भस्मकूट पर्वत पर स्थित मां मंगला गौरी मंदिर में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलता है. यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिदिन सुबह चार बजे माता की मंगला आरती की जाती है.

मंदिर के पुजारी प्रमोद गिरी के अनुसार, मंदिर के स्थापना काल से ही यह परंपरा अनवरत चली आ रही है. यहां प्रतिदिन सुबह चार बजे, दोपहर एक से दो बजे के बीच और रात 10 बजे मां का विशेष श्रृंगार व आरती होती है.


इस दौरान माता को नाना प्रकार के पकवानों का विशेष भोग लगाया जाता है. मोक्षधाम गया के विश्वप्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और यहां की दिनचर्या भी पूरी तरह से तय है.



विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के मीडिया प्रभारी छोटू बारिक ने बताया कि यहां प्रतिदिन सुबह पांच बजे भगवान विष्णु की विशेष आरती होती है. दोपहर 12:30 से 2:00 बजे के बीच, शाम छह बजे और रात 10 बजे भी भगवान की आरती उतारी जाती है.


मंदिर की एक और प्रमुख विशेषता यह है कि प्रत्येक माह की पूर्णिमा तिथि को भगवान विष्णु के चरण कमलों का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिसके दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं.

























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