मालीघाट सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा प्रसिद्ध वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी की जयंती पर संस्थान के सचिव कठपुतली कलाकार की अध्यक्षता में बैठक की गई. अध्यक्षीय संबोधन में सुनील कुमार ने बताया कि आज अंतराष्ट्रीय ख्याति के मुज़फ्फरपुर निवासी वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी की जयंती हैं जिन्होंने दुनिया की गोलाई मापने का यंत्र बनाया जिसे भारत सरकार ने भारत के समुद्र तट से पूर्वी अफ्रीका के मोम्बासा समुद्र तट तक 1971 में विश्व का पहला प्रयोग सफलतापूर्वक कराया जिससे इन्हें काफी ख्याति मिली।

संस्कृतिकर्मी बैजू कुमार ने बताया कि विज्ञान के क्षेत्र में नये ज्ञान का विकास वैज्ञानिकों के उन्नत शोधों से आगे बढ़ा हैं. वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए तार्किक विश्लेषण, प्रमाण-आधारित अवलोकन और निरंतर जिज्ञासा अत्यंत आवश्यक हैं.


इसके लिए पूर्व-कल्पित धारणाओं पर सवाल उठाना, रूढ़ियों को त्यागना और प्रयोगात्मक अनुभव से निष्कर्ष निकालना अनिवार्य है। भारतीय संविधान नागरिकों से वैज्ञानिक सोच, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करने की अपेक्षा करता है। वैज्ञानिक सोच न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक हैं.



सरला श्रीवास युवा मंडल की उपाध्यक्ष सुमन कुमारी ने वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्गा प्रसाद चौधरी राजकीय जिला विज्ञान केंद्र अमर शहीद जुब्बा सहनी पार्क में 26 जुलाई 2006 को बिहार सरकार के विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने स्थापित किया था।


ए ही माटी के दुर्गा प्रसाद चौधरी प्रसिद्ध वैज्ञानिक के मिलल सेहरा गीत के माध्यम से लोक गायिका अनीता कुमारी ने श्रद्धांजलि दी. संरक्षक कांता देवी ने बताया कि पुरखा पुरनिया संवाद सह सम्मान कार्यक्रम में वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी सम्मान से शांति सेना के संयोजक सोनू सरकार को सम्मानित किया जायेगा.
















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