महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए रोजाना कार्य घंटों को 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य के ‘फैक्ट्रीज एक्ट 1948’ और ‘महाराष्ट्र शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2017’ में संशोधन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार 3 सितंबर 2025 को यह फैसला लिया गया। यह नया नियम उन सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगा, जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं।



इस संशोधन के बाद, निजी कंपनियों में अब एक दिन की शिफ्ट 9 घंटे के बजाय 10 घंटे की होगी। इसके अलावा, ओवरटाइम से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है



ओवरटाइम सीमा: कर्मचारियों की लिखित सहमति से प्रति तिमाही ओवरटाइम की सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे की जाएगी।
आराम का ब्रेक: कर्मचारियों को 5 घंटे के बजाय 6 घंटे काम करने के बाद आराम का ब्रेक मिलेगा।
ओवरटाइम का भुगतान: सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि श्रमिकों को ओवरटाइम के लिए दुगुना भुगतान मिले।




महाराष्ट्र से पहले, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी 10 घंटे की कार्य अवधि का नियम पहले से लागू है।
























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