पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में छुट्टी का कैलेंडर जारी होने पर उठे विवाद के बाद सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब दिया है। बीजेपी का आरोप है कि जानबूझकर नीतीश कुमार की सरकार ने हिंदू त्योहारों की छुट्टियों में कटौती कर दी है। जबकि तुष्टिकरण की नीति के तहत मुस्लिम त्योहारों पर छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि सीएम इस पर पुनर्विचार करेंगे।
भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि आज 2024 के कैलेंडर को देखा। इसमें छुट्टियों की घोषणा की गई है। त्योहारों को लेकर छुट्टियों पर अपर मुख्य सचिव केके पाठक या विभागीय मंत्री ने ध्यान से नहीं देखा होगा। अब इस मामले में मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करेंगे। उन्होंने कहा है कि जैसे ही यह मामला सीएम के संज्ञान में आएगा, वे इस पर अवश्य पुनर्विचार करेंगे। अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी की भावना को आहत नहीं किया जा सकता। इसके साथ देखा जाएगा कि किसी को कोई नुकसान भी नहीं हो। इससे पहले भी सुधार हुआ था, जरूरत पड़ी तो इस बार भी सुधार किया जाएगा।
इसके साथ ही अशोक चौधरी ने कहा कि आरटीई का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। ध्यान रखा जाएगा कि स्कूलों में कम से कम 220 दिन की पढ़ाई सुनिश्चित की जाए। इसके आधार पर ही विभाग द्वारा कैलेंडर जारी किए जाते हैं। सभी चीजों पर विचार करके फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि जारी आदेश मुताबिक़ बिहार सरकार ने अपने स्कूलों में ईद और बकरीद की छुट्टी बढ़ा दी। ईद और बकरीद पर पहले दो दिनों की छुट्टी होती थी। 2024 में दोनों पर्वों पर स्कूल तीन-तीन दिन बंद रहेंगे। मोहर्रम पर दो दिनों की छुट्टी होगी। गर्मी की छुट्टी को दस दिन बढ़ा दिया गया है लेकिन इस दौरान शिक्षक स्कूल जाएंगे। पहले 20 दिन छुट्टी होती थी, अगले साल 30 दिन की गर्मी छुट्टी होगी। दूसरी ओर जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, रामनवमी, राखी, तीज समेत कई पर्वों के मौके पर सरकारी स्कूल खुले रहेंगे। कहा गया है कि बच्चों को कम से कम 220 दिन पढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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