पटना: बिहार में एक हफ्ते में कभी जेडीयू तो कभी महागठबंधन में टूट की अटकलों को अपनी तीखी बयानबाजी से हवा दे रहे पूर्व सीएम राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई और आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह को सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने महागठबंधन विधायक दल की मीटिंग में जोर से डपट दिया। नीतीश कुमार ने सुनील सिंह को बैठक में कहा कि आप लालू यादव के करीबी हैं और अमित शाह के साथ फोटो लगाते हैं, आप लोकसभा का टिकट बीजेपी से लेना चाहते हैं, ये सब मत करिए। इस पर सुनील सिंह ने भी जवाब दिया कि वो 27 साल से सहकारिता क्षेत्र में काम कर रहे हैं इसलिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले और फोटो खिंचवाई।
हाल में बीजेपी नेताओं की तरफ से जेडीयू में टूट का दावा तो किया जा रहा था लेकिन जब से सुनील सिंह की तरफ से बयानबाजी शुरू हुई है उसके बाद नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ वापस एनडीए में जाने की अटकलबाजी भी शुरू हो गई है। सुनील सिंह लगातार सरकार और नीतीश पर सवाल उठा रहे हैं। सुनील सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि मुख्यमंत्री के कंट्रोल में नहीं है बिहार। सुनील सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर डिलीट कर दिया जिसमें उन्होंने देश के सबसे कम भरोसेमंद नेता का नाम पूछा था। संयोग से जवाब में ज्यादातर लोगों ने बिहार के मुख्यमंत्री का नाम लिखा था।
सुनील सिंह को जेडीयू की तरफ से अशोक चौधरी जवाब दे रहे थे। चौधरी ने कहा था कि अगर लालू बोलें या राबड़ी देवी बोलें तो समझा जा सकता है, सुनील सिंह जैसे लोगों की बात को नोटिस नहीं लेना चाहिए। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और आईएएस केके पाठक के बीच चल रहे विवाद में कूदे सुनील सिंह काफी बयान दे चुके हैं जो नीतीश कुमार को असहज कर रहा है। बैठक में सुनील सिंह जब बोलने लगे तो तेजस्वी ने बीच-बचाव करके उनको शांत कराया। आरजेडी सूत्रों के मुताबिक सुनील सिंह को राबड़ी देवी राखी बांधती हैं लेकिन तेजस्वी यादव उनको भाव नहीं देते हैं। सूत्रों का कहना है कि महागठबंधन को लेकर नीतीश और तेजस्वी एक साथ हैं और नेताओं के बयान को लेकर दोनों चिंतित हैं जिससे यह संदेश जाए कि महागठबंधन में टूट हो सकता है।
सूत्रों का कहना है कि सुनील सिंह सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। इस सीट से बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी अभी लोकसभा सांसद हैं। चर्चा है कि बीजेपी से उनका टिकट कट सकता है। सुनील सिंह इसी सीट पर बीजेपी से टिकट की लाइन में लगे हैं। महागठबंधन में जेडीयू की तरफ से इस सीट पर लालू यादव के समधी चंद्रिका राय चुनाव लड़ सकते हैं जिनकी बेटी ऐश्वर्या राय से तेज प्रताप यादव का रिश्ता बिगड़कर कोर्ट तक पहुंच चुका है। चर्चा यह भी है कि अगर रूडी का टिकट कटा तो वो नीतीश की पार्टी से भी चुनाव लड़ सकते हैं।
महागठबंधन विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने मीडिया से कहा कि नीतीश ने सुनील सिंह को बैठक में बीजेपी के साथ संपर्क को लेकर डांटा। नीतीश ने सुनील सिंह पर महागठबंधन का माहौल बीजेपी के इशारे पर खराब करने का आरोप लगाया। नीतीश ने सुनील सिंह के अलावा बयानबाजी में लगे जेडीयू और कांग्रेस के नेताओं को भी हड़काया और कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है तो वो सीधे मुझसे बात कर सकते हैं। नीतीश ने विधायकों से कहा कि महागठबंधन एकजुट है और विधानसभा में सारे विधायक और विधान पार्षद नियमित रूप से सदन में नजर आएं और विपक्ष के हमलों का जवाब दें।
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