Press "Enter" to skip to content

इंटरनेशनल पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में जीता गोल्ड, लेकिन आज चाय बेचने को मजबूर.. खाने के भी लाले

गया: जनवरी 2023 में नेपाल में हुए इंटरनेशनल पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में बिहार के गया के न’क्सल प्रभावित इमामगंज इलाके के चाय बेचने वाले का बीटा पावर लिफ्टर चैंपियन बना था. जिले के नक्स’ल प्रभावित इलाके इमामगंज के रहने वाले अविनाश कुमार के पिता सुरेंद्र प्रसाद वर्मा चाय बेचते हैं. विपरीत हालातों के बीच भी अविनाश ने पावर लिफ्टिंग में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. अविनाश ने अंडर -17 में नेशनल स्तर पर ग्वालियर में हुई प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें इसने गोल्ड मेडल हासिल किया. जनवरी 2023 में नेपाल में हुए इंटरनेशनल पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में भी उसने गोल्ड मेडल हासिल किया लेकिन आज घर की माली हालत इतनी खराब है कि उसे चाय बेचना पड़ रहा है।

इसी साल जनवरी में नेपाल में इंडो- नेपाल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप आयोजित हुई थी, जिसमें कई देशों के प्रतिभागी शामिल हुए थे. अंडर-17 की इस प्रतियोगिता में अविनाश कुमार ने गोल्ड मेडल हासिल किया. अविनाश के गुरु शुभम कुमार बताते हैं कि अविनाश पहले चाय की दुकान चलाता था. उसमें पावरलिफ्टिंग के लिए प्रतिभा देखी तो प्रैक्टिस शुरू करा दी. प्रैक्टिस के बाद अविनाश कई प्रतियोगिताओं में शामिल हुआ. स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर प्रतियोगिता में उसने गोल्ड मेडल हासिल किया है. अविनाश के परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है, जिसे लेकर प्रशासन जनप्रतिनिधि को आगे आकर मदद करनी चाहिए, ताकि उसकी प्रतिभा को और निखारा जा सके।

वहीं अविनाश को पावरलिफ्टिंग सिखाने वाले उनके गुरु शुभम कुमार उर्फ शुभम पहलवान बताते हैं कि अविनाश में पावर लिफ्टिंग में काफी प्रतिभा है. उसने 2023 जनवरी महीने में नेपाल में हुए 70 किलोग्राम वजन में 120 से 130 किलोग्राम भार के पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. इस तरह की बड़ी प्रतियोगिता में भी उसने गोल्ड मेडल हासिल किया. यह बहुत बड़ी बात है और गया ही नहीं बल्कि बिहार के लिए भी यह सम्मान की बात है।

अविनाश के पिता सुरेंद्र प्रसाद वर्मा बताते हैं कि उनके बेटे ने काफी नाम किया है. पावर लिफ्टिंग में इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी हासिल कर लिया है लेकिन फिलहाल अविनाश और उसके पूरे परिवार को आर्थिक मदद की दरकार है. सरकार से भी गुहार लगाते हैं कि आर्थिक मदद प्रदान की जाए. बताते हैं कि फिलहाल में वह और उनका पुत्र विशाल दोनों मिलकर चाय की दुकान चला रहे हैं।

Share This Article
More from GAYAMore posts in GAYA »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *