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चिराग पासवान तमिलनाडु पहुंचे, बिहारियों से मिलकर बोले- भाषा, बोली या मजहब के नाम पर भेदभाव गलत

तमिलनाडु में बिहारियों पर कथित हम’ले को लेकर सियासत का दौर जारी है। एलजेपी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जमुई के सांसद चिराग पासवान आज चेन्नई पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होने बिहारी मजदूरों और कामगारों पर हो रहे उत्पीड़न को लेकर तमिलनाडु के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। और बिहार के कुछ लोगों से मुलाकात की। चिराग ने वहां रह रहे बिहारियों का हाल जानने की कोशिश की।

चिराग पासवान तमिलनाडु पहुंचे, बिहारियों से मिलकर बोले- भाषा, बोली या मजहब के नाम पर भेदभाव गलत

भाषा-बोली के आधार पर भेदभाव गलत- चिराग पासवान

उन्होने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां भाषा, धर्म, बोली, किसी भी आधार पर भेदभाव करना बिल्कुल गलत है। अगर मतभेद कराने के लिए ऐसा किया जा रहा है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। अगर यह गलत है तो पता करना चाहिए कि कौन हैं वो लोग जो ऐसा कर रहे हैं। और पि’टाई के वायरल हो रहे वीडियो की उनकी पार्टी  पुष्टि नहीं करती है। इससे पहले वायरल हो रहे वीडियो पर चिराग पासवान ने कहा था कि अगर ये तस्वीरें और वीडियो सही हैं तो ये बेहद चिंता का विषय है। वहां रह रहे बिहारियों को बर्बरता से पीटा जा रहा है। तो इसमें कड़ाई के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि चिराग ने वीडियो की जांच की बात भी कही थी।

चिराग ने नीतीश पर साधा था निशाना
नीतीश कुमार पर हम’ला बोलते हुए उन्होने कहा था कि अफसोस की बात है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं। उन्होंने सिर्फ अपने अधिकारियों को निर्देश दे दिया कि आप वहां के अधिकारियों से बात कर लो। मुख्यमंत्री को अपने प्रदेश के लोगों की चिंता नहीं है। चिराग पासवान ने इस मामले में  गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होने लिखा कि मैंने भी वीडियो देखा है। बिहार के कई ऐसे मजदूर हैं जो तमिलनाडु में रह रहे हैं उन्होंने मुझसे संपर्क किया है और सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को सत्य बताया है। परंतु तमिलनाडु का स्थानीय प्रशासन इन खबरों को भ्रामक बता रहा है। इसकी क्या सत्यता है, मैं नहीं जानता, लेकिन अगर यह सत्य है तो यह बिहारियों के लिए बहुत चिंताजनक है। अतः आपसे आग्रह है अपने स्तर से जांच कराकर सच और झूठ का फैसला करें।

तमिलनाडु पुलिस ने पिटाई के वीडियो बताए फेक                                                                        

आपको बता दें पिटाई के वायरल हो रहे वीडियो को तमिलनाडु पुलिस फेक बता चुकी है। और अफवाह के खौफ के चलते बिहार मजदूर पलायन कर रहे हैं। इसकी पुष्टि खुद तमिलनाडु के डीजीपी शिलेंद्र बाबू ने की थी। और इस मामले में कई लोगों पर केस भी दर्ज किया गया है।

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