सहरसा: बिहार में बीते दिनों जह’रीली शरा’ब के कई लोगों की मौ’तें हुई लेकिन इस घ’टना के बाद भी लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। चो’री छिपे शरा’ब पीकर अपनी जा’न जोखि’म में डाल रहे है।पुलिस को श’राब कारोबारियों का सुराग मिले ना मिले लेकिन शरा’बियों को श’राब आसानी से मिल जा रही है।दरअसल रविवार की देर शाम एग्रीकल्चर कॉलोनी स्थित झाड़ी में पड़ा श’राबी बयान कर रहा है।
एग्रीकल्चर कॉलोनी में लोगों ने झाड़ी के पास श’राबी को न’शे में धु’त गिरा देखा। झा़ड़ी में बेसुध पड़े श’राबी की पहचान की गयी। श’राब के न’शे में धु’त यह शख्स सरकारी स्कूल का कर्मचारी है। शिक्षा कॉलोनी निवासी बबलू मल्लिक के रूप में इनकी पहचान हुई। जो राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में चतुर्थ वर्गीय कर्मी के रुप में कार्यरत है।
जिसके बाद बेसुध पड़े बबलू मल्लिक को झाड़ी से किसी तरह बाहर निकाला गया। जब श’राबी से पूछा गया कि उसने श’राब कहां पिया है। तो उसने शरा’ब का अड्डा बताने से इनकार कर दिया।
हालांकि झाड़ी में पड़े शख्स इस तरह से न’शे में था कि वह सीधा खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। जिसके बाद बबलू के परिजनों को इस बात की जानकारी मिली। घर के लोग पहुंचे और किसी तरह से उसे उठाकर वहाँ से घर ले गये। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय में जब इस तरह से आसानी से शरा’ब उपलब्ध हो जा रही है तो ग्रामीण क्षेत्रों का क्या हाल होगा?

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