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आजादी के 74 साल बाद भी नहीं बनी पक्की सड़क, लबालब सड़क पर ग्रामीणों ने धान रोपकर जताया विरोध

सीवान जिले का एक ऐसा गांव जहां आजादी के 74 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी इस गांव के लोग अपने आप को गुलाम मानते हैं। वजह यहां आज तक इस गांव के लोगों को चलने तक सड़क नसीब नहीं हुआ। यहां के लोग कीचड़नुमा सड़क से होकर आवागमन करने को मजबूर है।

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पूरा मामला जिले के भगवानपुर हाट के हूलेसरा गांव की है। शनिवार को जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा और सड़क के कीचड़नुमा मिट्टी में धान की रोपनी कर अनोखा विरोध जताया।

गांव के ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन जदयू विधायक हेमनारायण साह के द्वारा 11 जून 2020 को सड़क का शिलान्यास किया गया था। जिसमें लगे बोर्ड पर 2 जून 2021 को कार्य संपन की तारीख अंकित है। इसमें 1,300 मीटर की सड़क लगभग 97 लाख रुपये के लागत से निर्माण होना था।

सड़क का शिलान्यास हुए आज 2 वर्ष से अधिक समय बीत चुके लेकिन सड़क का निर्माण अधूरा ही रह गया। सड़क निर्माण के द्वारा सड़क के दोनों ओर मिट्टी डाला गया जिसके कारण थोरी सी भी बारिश होने पर कीचड़ में तब्दील हो जाता है जो कि पूरे रास्ते बड़े-बड़े गड्ढे हुए हैं इससे सड़क पर चलना जानलेवा हो गया है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के 74 वर्ष बीत गए परन्तु आज तक हुलेसरा गांव में अब तक पक्की सड़क सपना पूरा नहीं हुआ।

आपातकाल में किसी मरीज़ को एंबुलेंस से ले जाने के लिए दस मिनट का रास्ता पूरा करने में घंटों लग जाता है। अगर इसकी वज़ह से किसी की जान जाती है तो उसका जिम्मेदार और जवाबदेही सरकार होगी जो आज तक सड़क निर्माण को लेकर आंखे बंद की हुई है।

इसी पर विरोध जताते हुए शनिवार की सुबह हुलेसरा गांव निवासी विनय शंकर सिन्हा ,रूपेश कुमार श्रीवास्तव,मनोहर यादव ,शुभम पांडे, , कलम यादव,ठगन यादव,विवेक कुमार,समर कुमार वरुण कुमार,पंकज कुमार,योगेन्द्र यादव आदि ग्रामवासियों ने एक साथ मिलकर सड़क के बीचो बीच धान की रोपाई की एवं विरोध जताया।

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