बिहार के जहानाबाद में तालाब में डू’बे बच्चे को अस्पताल में डॉक्टर द्वारा मृ’त घोषित करने पर परिजनों का गु’स्सा फू’ट पड़ा। सदर अस्पताल में शुक्रवार की सुबह हंगा’मा व तो’ड़फोड़ के कारण घंटों अफरात’फरी की स्थिति बनी रही। लेकिन अस्पताल में मौजूद गार्ड व पुलिस कही नजर नहीं आए।
हंगा’मे को देखते हुए जा’न बचाकर इमरजेंसी व ओपीडी में तै’नात कर्मी व एनएनएम भाग खड़े हुए। उपद्रवि’यों के ड’र से इमरजेंसी नर्सिंग रूम के कर्मी दरबाजा बंद कर लिये।
आक्रो’शित परिजनों ने ऑन ड्यूटी तैनात चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में ला’परवाही का आरो’प लगाते हुए घ’टना का अंजाम दिया। ऑनड्यूटी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभ’द्र व्यवहार करते हुए गं’दी-गं’दी गालि’यां भी दी। कर्मियों के मुताबिक अस्पताल परिसर में रखी कुर्सी को उठा स्वास्थ्य कर्मियों को मा’रने का प्रयास किया गया। नर्सिंग रूम एवं चिकित्सक कक्ष में जमकर तोड़फो’ड़ की गई।
परिजनों के आक्रो’श को देखते हुए चिकित्सक एवं कर्मी अस्पताल छोड़कर भाग खड़े हुए । करीब 3 घंटे तक सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा बा’धित रही । मृ’तक के परिजनों के द्वारा कुछ देर के अंतराल पर पुलिस की उपस्थिति में तीन बार हंगा’मा किया गया।
हंगा’मे की सूचना पाकर नगर थाना के अपर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने मृ’तक के परिजनों को शांत कराया। तीन घंटे के बाद सदर अस्पताल की इमरजें’सी सेवा प्रारंभ हुई।
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