छपरा : सारण जिले के इस नामी महाविद्यालय की हालत देश आप दांतों तले अंगुलिया दबाने को मजबूर हो जाएंगे। कभी बिहार के सबसे प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में शुमार राजेन्द्र महाविद्यालय की हालत नरक से भी बदतर बना दी गई है।

यूं तो जयप्रकाश विश्वविद्यालय में फिलहाल शैक्षणिक सत्र तो नियमित हो गए हैं, लेकिन पढ़ाई के नाम पर आज भी खानापूर्ति का रिवाज सा बनता हुआ दिखाई देता है।

हालंाकि, पढ़ाई को लेकर गंभीर छात्र छात्राएं तो एकाध दिख भी जाते हैं, लेकिन इस महाविद्यालय की कक्षाओं तक पहुंचना एवरेस्ट की चढ़ाई के समान दिखाई देता है।

चारों तरफ जलजमाव और सड़े हुए पानी की वैतरणी को पार कक्षाओं तक पहुंचने की विवशता साफ दिखाई देती है। जिस पानी में मछलियां भी दम तोड़ देती हों, उस पानी को लांघ कर असाइनमेंट जमा करने में छात्र-छात्राओं के पसीने छूट गये।




























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