जाले. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने पहुंचे युवक की डीएमसीएच रेफर करने पर ले जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गयी. इसे लेकर मृतक के परिजन शव लेकर सीएचसी के इमरजेंसी गेट पर रख दिया और हंगामा करने लगे. इस दौरान कुर्सी को पलटते हुए इमरजेंसी गेट का शीशा तोड़ दिया.

लोगों का कहना था कि समुचित इलाज नहीं होने की वजह से मौत हुई. हंगामा करते हुए लोगों ने अस्पताल व थाना के बीच जाले-जोगियारा सड़क को जाम कर दिया. हंगामा होते देख तैनात चिकित्सक ओपीडी से हटकर छिप गये. कर्मी अस्पताल छोड़कर बाहर निकल गये. केवल प्रभारी अपने कक्ष में बैठे दिखे. लोगों का आरोप था कि चिकित्सक द्वारा इलाज करने के दौरान एक गलत सूई लगा दी गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी.



मृतक के पड़ोसी मो. वसी का पुत्र रजाकुल ने बताया कि मो. कयूम का 42 वर्षीय पुत्र अब्दुल गनी बांह में दर्द की शिकायत लेकर 14 सितंबर की रात 10 बजे सीएचसी पहुंचा था. उसके साथ पत्नी एवं छोटा भाई भी था. उसके रेफर किये जाने पर एम्बुलेंस कर्मी उसके छोटे भाई को वहीं छोड़कर बीमार युवक व उसकी पत्नी के साथ विदा हुआ. वहीं कमतौल में मरा हुआ बताकर वापस लाकर दरवाजा पर रख गया.



इधर, जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल सदल-बल अस्पताल पहुंचे. लोगों को समझाने-बुझाने लगे. उन्होंने घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही एसडीपीओ सदर-टू शुभेन्द्र कुमार सुमन, कमतौल इंस्पेक्टर सुरेश राम वहां पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद सीओ वत्सांक की अध्यक्षता में मृतक के परिजनों से वार्ता हुई. परिजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत 72 हजार रुपया अनुदान मिलने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया. इसके बाद संध्या पांच बजे जाम हटाया गया.





























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