दानापुर नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. हर महीने करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के कई वार्डों में सड़क किनारे कचरे का ढेर लगा हुआ है.

लोगों का आरोप है कि केवल झाड़ू लगाकर सफाई का दिखावा किया जा रहा है, जबकि गंदगी जस की तस बनी हुई है.


चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही सफाई एजेंसी
नगर परिषद के 40 वार्डों में सफाई और अन्य कार्यों के लिए एडम एजेंसी के साथ अनुबंध किया गया था. यह अनुबंध अप्रैल 2020 से अप्रैल 2022 तक के लिए था.



लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी एजेंसी को लगातार एक्सटेंशन दिया जाता रहा. यहां तक कि 1 फरवरी 2026 को एक्सटेंशन खत्म होने के बाद भी उसी एजेंसी से काम कराया जा रहा है.


जानकारी के मुताबिक नगर परिषद के नियमों के अनुसार हर दो साल में सफाई कार्य के लिए नई निविदा निकाली जानी चाहिए. बावजूद इसके पिछले चार वर्षों से कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया. परिषद की सशक्त स्थायी समिति और बोर्ड ने पुरानी एजेंसी को हर साल सेवा विस्तार देकर सफाई व्यवस्था का जिम्मा सौंप दिया.












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