राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि विवादों के समाधान की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. अब भूमि विवाद से जुड़े मामलों की साप्ताहिक बैठकें सीधे अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित की जाएंगी.

विभाग का कहना है कि इस बदलाव से न केवल लंबित मामलों का समय पर निपटारा होगा, बल्कि लोगों को बार-बार थाने और अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी.



पहले भूमि विवादों की बैठकें थानों में आयोजित होती थीं, जिसमें थानाध्यक्ष और अंचलाधिकारी संयुक्त रूप से सुनवाई करते थे. लेकिन कई बार थानाध्यक्ष विधि-व्यवस्था या जिला स्तरीय बैठकों में व्यस्त हो जाते थे और अंचलाधिकारी को अलग-अलग थानों तक पहुंचने में दिक्कत आती थी. नतीजतन, बैठकें नियमित रूप से नहीं हो पाती थीं और आम लोग घंटों इंतजार कर लौट जाते थे.



नई व्यवस्था में अब अंचल स्तर पर ही बैठक होगी. इसमें थानाध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि, राजस्व अधिकारी और हल्का कर्मचारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे. अगर किसी मामले में स्थल निरीक्षण की जरूरत होगी तो थाना और अंचल अधिकारी मिलकर उसका जायजा लेंगे.























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