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चुनाव से पहले तेजस्वी का गेम चेंजर प्लान, शिक्षक भर्ती जल्द कराने का निर्देश, शिक्षा मंत्री संग की बैठक

पटना: उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार को शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। और शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने को कहा है। इसके अलावा नए शिक्षकों की नियुक्ति जल्द हो सके, इसके लिए विभागीय कार्रवाई पूरी करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वच्छता का पूरा प्रबंध करने का भी निर्देश दिया। बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर भी मौजूद थे। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने विभागीय योजना और गतिविधियों की जानकारी को लेकर प्रजेंटेशन दिया।

चुनाव से पहले तेजस्वी का गेम चेंजर प्लान, शिक्षक भर्ती जल्द कराने का निर्देश, शिक्षा मंत्री संग की बैठक

बैठक की जानकारी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने खुद ट्वीट कर दी। उन्होने ट्वीट में कहा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के अद्यतन कार्यों, पठन-पाठन, रिक्त पदों, नियुक्तियों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग, योजनाओं एवं उपलब्धियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

आवासीय स्कूलों के स्थापना के लिए मंथन
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसकी पूरी कार्ययोजना होनी चाहिए। उन्होंने बेहतर कार्ययोजना के लिए सबसे सुझाव भी मांगे और कहा कि सरकार बेहतर सुझावों पर ध्यान देगी। उपमुख्यमंत्री ने जिलों में आवासीय विद्यालय की स्थापना को लेकर भी मंथन किया और अधिकारियों को इस योजना को बेहतर ढंग से लागू करने की ताकीद की।

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उन्होंने कहा कि यह विद्यालय उन्नत और बेहतर हो, इसका ध्यान रखा जाए। फिलहाल सभी जिलों में इसके लिए विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र इसके लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालय में किसी स्तर पर किसी तरह की गंदगी नहीं रहनी चाहिए। विद्यालयों की नियमित सफाई हो और किसी तरह का संक्रमण न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने शौचालयों की व्यवस्था और उसकी नियमित सफाई का ध्यान रखने और विद्यालयों की अन्य जरूरतों को पूरा करने का भी निर्देश दिया।

शिक्षक भर्ती साबित होगा गेम चेंजर
बिहार सरकार ने बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त किए जाने वाले 1.78 लाख शिक्षकों के नए लॉट के बेहतर वेतनमान को अंतिम रूप दे दिया है और 2006 से अब तक नियुक्त लगभग 4 लाख शिक्षकों की नाराजगी के बावजूद माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। बीपीएससी ने इस साल के अंत में होने वाली परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है। राजद के प्रमुख चुनावी वादों में रोजगार सृजन और स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ, तेजस्वी ने शिक्षा विभाग पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती शामिल है जो चुनावों से पहले गेम चेंजर हो सकता है। 2005 के बाद से, शिक्षा पोर्टफोलियो हमेशा जदयू के पास रहा और यह पहली बार राजद को मिला है।

बिहार में एक लाख की आबादी पर 7 कॉलेज
उच्च शिक्षा के लिए अखिल भारतीय सर्वेक्षण (AISHE) की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में अभी भी 1703 के औसत नामांकन के साथ प्रति लाख जनसंख्या पर केवल सात कॉलेज हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में प्रति लाख जनसंख्या पर कॉलेजों की संख्या 51, कर्नाटक में 59 है , केरल में 48, राजस्थान में 37, महाराष्ट्र में 34, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 31 और पश्चिम बंगाल में 30 है। 2021 में विभागीय समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि 10 जिलों में पीजी की पढ़ाई किसी भी कॉलेज में नहीं हो रही है।

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