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बात हैसियत पर आ गई, छोटी पार्टियां अलग हुई तो जेडीयू जैसा हश्र हुआ: बीजेपी

पटना: जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियां अपने विरोधियों के खिलाफ और भी तीखे हमले करना शुरू कर रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आरजेडी और कांग्रेस के साथ सत्ता में आने के बाद अब बात हैसियत पर आ गई है। बीजेपी ने कहा कि उससे अलग होने के बाद जेडीयू जैसी छोटी पार्टियां की क्या हश्र हुआ, उनकी क्या हैसियत रही ये सब जानते हैं।

बात हैसियत पर आ गई, बीजेपी प्रवक्ता ने कहा- छोटी पार्टियां जब बे-हैसियत हुईं तो जेडीयू जैसा हश्र हुआ

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने बुधवार को ट्वीट के जरिए जेडीयू को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी की एक टीवी डिबेट का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि बीजेपी ने बड़ी पार्टी होते हुए भी अपने से छोटी पार्टियों को गठबंधन का नेतृत्व सौंपा। मगर कहीं भी उन छोटी पार्टियों ने बे-हैसियत होने का काम किया और गठबंधन से अलग हुए तो उनकी हैसियत जगजाहिर हो गई। शिवसेना, टीडीपी, जेडीएस, अकाली दल, जदयू … इन सबका हश्र देखिए कि आज ये क्या हैं?

वीडियो में बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी कहते हुए नजर आ रहे हैं कि बीजेपी ऐसी पार्टी है, जिसने अपना बड़ा कद होते हुए छोटे दलों को नेतृत्व सौंपा। 1995 में जब समता पार्टी के साथ गठबंधन हुआ था, तब उसे बिहार में सिर्फ 7 सीटें मिली थीं और बीजेपी की 42 सीटें आई थीं। इसके बाद पहली बार नीतीश कुमार ने जब शपथ ली तो ज्यादा विधायक बीजेपी के थे। हमने उन्हें आगे बढ़ाया। इसी तरह यूपी में बसपा और कर्नाटक में जेडीएस को भी कम सीटों के बावजूद नेतृत्व करने का मौका दिया।

सुधांशु आगे कहते हैं कि जो भी बीजेपी से अलग हुआ, उसका हश्र बुरा हुआ। बीजेपी से अलग होने के बाद महाराष्ट्र में शिवसेना की सीटें घट गई थीं। जेडीयू आज बिहार में चौथे नंबर की पार्टी बन गई है। पंजाब में अकाली दल का भी बुरा हाल हो गया।

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