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मुजफ्फरपुर: सिपाही चिल्लाता रहा; साथी मदद को नहीं आए, शरा’ब मा’फिया ने डु’बोकर मा’रा

मुजफ्फरपुर: बिहार में श’राब मा’फिया इतने बेखौफ हैं कि वे पुलिस पर हम’ला करने से भी नहीं कतरा रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के मुरौल में श’राब मा’फिया ने छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम ह’मला कर दिया। फिर सिपाही दीपक कुमार को दो शरा’ब धं’धेबाजों ने दबोच लिया और नदी में ले जाकर उसे डुबोकर मा’र दिया। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि सिपाही दीपक बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा लेकिन उसकी टीम के लोग मदद के लिए नहीं पहुंचे।

मुजफ्फरपुर में शराब माफिया ने सिपाही को डुबोकर मारा: मदद के लिए चिल्लाता रहा दीपक, साथियों ने नहीं बचाया

मंगलवार सुबह सिपाही दीपक का श’व नदी से निकाला गया। श’राब धं’धेबाजों से नदी किनारे से लेकर पानी तक, अकेले उठापटक कर रहा दीपक काफी देर तक बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा। वह मोटर बोट लेकर साथियों को मदद के लिए आवाज लगाता रहा। इस बीच 50 से 100 मीटर के दायरे में ही मौजूद रहे उत्पाद टीम के 25 अधिकारी और जवान मदद को नहीं पहुंचे। इससे उत्पाद पुलिस पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

विभाग करेगा जांच

हथि’यार से लैस जवान और अधिकारियों ने तमाम संसाधनों के बावजूद उसकी मदद क्यों नहीं की? दीपक जब श’राब धं’धेबाजों से भिड़ गया और बचाओ-बचाओ चिल्लाया तो हवाई फा’यर कर उसे कवर क्यों नहीं दिया गया? अब प्रशासनिक अधिकारियों की टीम इसकी जांच करेंगे। विभागीय जांच को टीम बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

धं’धेबाजों से भिड़ने के लिए अकेले नदी में उतर गया था दीपक

उत्पाद अधीक्षक संजय राय ने बताया कि दरधा घाट पर छापेमारी के लिए विधिवत प्लान बनाया गया था। प्लान के मुताबिक एक टीम कुमार रवि के नेतृत्व में बनी थी, जो बोचहां थाना इलाके के आथर गांव की ओर से नदी किनारे घेराबंदी कर रखी थी। दूसरी टीम इंस्पेक्टर पिंकी के साथ दरधा घाट की ओर से छापेमारी कर रही थी। छापेमारी दल से बचकर नदी के पार जब धं’धेबाज खेत की ओर पहुंचते तो घात लगाए कुमार रवि की टीम सभी को दबोच लेती।

दरधा घाट पर मुशहरी की ओर से छापेमारी के लिए इंस्पेक्टर पिंकी कुमारी की टीम में महिला एसआई डेजी कुमारी, शिवेंद्र कुमार, चार एएसआई के अलावा सैप, होमगार्ड, उत्पाद सिपाही समेत 10 जवान थे। इसमें सभी सैप व होगार्ड जवान रा’यफल से लैस थे। इंस्पेक्टर और सभी एसआई के पास भी विभागीय पि’स्टल थे। नदी में उतरने के लिए मोटर बोट दिया गया था। प्रकाश के लिए 10 से अधिक विशेष सर्च लाइट थे। एसआई कुमार रवि के नेतृत्व में टीम ने नदी के दूसरी ओर से भी घेराबंदी कर रखी थी।

धं’धेबाज गोलू सहनी और बादल सहनी के देसी श’राब निर्माण के अड्डे पर घेराबंदी कर छापेमारी के लिए पुलिस की दो टीमें बनाई गई थीं। इंस्पेक्टर पिंकी कुमारी की टीम में सिपाही दीपक थे। टीम ने तीन भागों में बंटकर घेराबंदी की, जहां पर श’राब धं’धेबाजों से भि’ड़ंत हो गई। अकेले दीपक नदी के पानी में उतर गए, जहां आरोपियों ने उन्हें पानी में खींचकर डु’बाकर मा’र डाला।

सिपाही के घर में कोहराम

मृ’तक सिपाही दीपक कुमार भागलपुर जिले के रसुलपुर का रहने वाला था। उसके गांव भोलसर में उसकी मौ’त की खबर पहुंचते ही कोह’राम मच गया। दीपक चार भाइयों में मंझला था। परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी, दीपक की नौकरी लगी तो आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ था। दीपक के लिए घर वाले लड़की देख रहे थे। इसी साल उसकी शादी कराने की योजना बनाई जा रही थी।

 

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