जिला पुलिस और रेल पुलिस के बीच सीमा वि’वाद के झगड़े में माड़ीपुर पुल के नीचे लूटपाट करने वाले गैं’ग के पांच लु’टेरे बच निकले। लु’टेरों ने एमआईटी के छात्र को पि’स्टल के दम पर क’ब्जे में ले लिया था। उसके एटीएम से 25 हजार रुपये निकासी करने के बाद छोड़ा था। आरपीएफ के जवानों ने लुटे’रों को दबो’चा था और छात्र का लू’टा गया मोबाइल भी वापस दिलवाया, लेकिन लुटे’रों को थाने के ह’वाले नहीं किया था।

लू’ट के शि’कार समस्तीपुर निवासी प्रवीण कुमार ने डीएसपी नगर रामनरेश पासवान से भी मिलकर शिकायत की थी। इसके बावजूद दो सितंबर को हुई इस घ’टना की न तो ब्रह्मपुरा पुलिस और न ही काजी मोहम्मदपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। काजी मोहम्मदपुर थानेदार दिगंबर कुमार ने बताया कि नगर डीएसपी के निर्देश पर छात्र के साथ घट’नास्थल का मुआयना किया गया था। इससे स्पष्ट हुआ कि माड़ीपुर पुल के नीचे रेल ट्रैक के उत्तर में घट’ना हुई। घटनास्थल या तो रेलवे के अधीन आएगा या ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में पड़ेगा। इसलिए छात्र को जीआरपी और ब्रह्मपुरा थाने से संपर्क करने के लिए कहा गया।

इधर, ब्रह्मपुरा थानेदार अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि घटना रेल ट्रैक के किनारे हुई थी। इसलिए इस केस को रेल पुलिस ही देखेगी। वहीं, जीआरपी थानेदार दिनेश कुमार साहू ने बताया कि छात्र ने जीआरपी थाने में शिकायत नहीं की है। इसलिए घट’ना के संबंध में जानकारी नहीं है। वहीं, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रेम सागर दूबे ने बताया कि मामला पुलिस से संबंधित है। इसलिए उनके स्तर से कार्रवाई नहीं होगी। मालूम हो कि दो सितंबर को एमआईटी का छात्र प्रवीण घर जाने के लिए जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने आ रहा था। इसी दौरान उसे पांच लुटे’रों ने पि’स्टल के दम पर कब्जे में ले लिया था। मा’रपीट कर मोबाइल छीन लिया और एटीएम का पिन नंबर पूछकर खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए थे।

जंक्शन के सीसीटीवी फुटेज में लुटेरे कैद :
प्रवीण कुमार ने नगर डीएसपी को बताया कि लु’टेरों को जंक्शन तक आरपीएफ जवानों ने लाया था। जंक्शन पर ही उसे मोबाइल दिलवाया था। इस तरह लुटे’रों का चेहरा जंक्शन के सीसीटीवी में कैद होगा। पुलिस इससे छानबीन करे तो लुटेरे चिह्नित हो सकते हैं। काजी मोहम्मदपुर और ब्रह्मपुरा थाने में केस क्यों दर्ज नहीं हुआ है, इसको लेकर दोनों थानेदारों से जवाब लिया जाएगा।
















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