बिहार में इस हफ्ते कई जिलों में झमाझम बारिश से किसानों और अन्य लोगों के चेहरे खिल उठे। मगर अब फिर से मॉनसून कमजोर पड़ने जा रहा है। राज्य के अधिकतर हिस्सों में झमाझम बारिश पर ब्रेक लगेगा। पूर्वी और दक्षिण बिहार के जिलों में तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 28 जुलाई से दोबारा मॉनसून एक्टिव होगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, मौसम वैज्ञानिकों ने बिहार में झमाझम बारिश का दौर थमने के आसार जताए हैं। अगले 24 घंटे के भीतर अधिकतर जिलों से मॉनसून संबंधी गतिविधियां कम हो जाएंगी। इससे तापमान और उमस बढ़ने की संभावना है। अगले पांच दिन तक कहीं-कहीं पर छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन मूसलाधार बरसात की संभावना कम है।
हालांकि, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, छपरा समेत आसपास के इलाकों में अगले दो-तीन दिन अच्छी बारिश की उम्मीद है। अन्य जिलों में बारिश की गतिविधियां कम रहेंगी। जिन जिलों में इस साल बरसात का आंकड़ा सामान्य से कम है, वहां सूखे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में किसानों की चिंता फिर से बढ़ गई है।
मौसम केंद्र पटना के मुताबिक कुछ जिलों में इसका असर अभी से देखने को मिला है। औरंगाबाद, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, सहरसा, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया जैसे जिलों में बीते 24 घंटे के भीतर तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है।
बिहार में बारिश की कमी बरकरार
बिहार में इस सीजन बारिश की कमी जारी है। इस हफ्ते कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने के बावजूद अधिकतर जिलों में आंकड़ा सामान्य तक नहीं पहुंच पाया है। भारत मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में बारिश की 45 फीसदी कमी है। हालांकि यह आंकड़ा पड़ोसी राज्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से कम है।
IMD के मुताबिक मॉनसून की ट्रफ रेखा इस महीने अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर शिफ्ट हो गई। ऐसे में बिहार, झारखंड, पूर्वी यूपी और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में बारिश की कमी देखी गई। जबकि जून महीने में बिहार के अंदर बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर था।
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