मुजफ्फरपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर तथा बिहार की राजधानी पटना में छात्रों पर हुए कथित बर्बर ला’ठीचार्ज के विरोध में बुधवार को शहर में कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च खुदीराम बोस स्मारक स्थल से टावर चौक तक आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मार्च का नेतृत्व शहर के प्रख्यात चिकित्सक, समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता डॉ. गौरव वर्मा ने किया।


हाथों में मोमबत्तियां लिए युवाओं ने लोकतंत्र, अहिंसक विरोध और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए। पूरे मार्ग में शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालते हुए प्रतिभागियों ने छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर आक्रोश व्यक्त किया और सरकार से जवाबदेही की मांग की। इस दौरान शहर का माहौल कुछ देर के लिए संवेदनशील लेकिन अनुशासित बना रहा।
डॉ. गौरव वर्मा ने कहा कि यह कैंडल मार्च सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि न्याय, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उठी आवाज है। उन्होंने कहा, “मोमबत्ती की यह लौ अंधेरे के खिलाफ हमारी आवाज है, न्याय और लोकतंत्र की रक्षा का हमारा संकल्प है।” उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और समाज के हर वर्ग को इसके विरोध में आगे आना चाहिए।
मार्च में पश्चिमी जिलाध्यक्ष कृपा शंकर शाही, दीनबंधु क्रांतिकारी, चौधरी राशिद हुसैन, प्रोफेसर जमाल नाशिर, मुमताज अहमद, जावेद, शान्तनु तिवारी, कौशल आनंद, डॉ. प्रशांत सौरव, विभूति कुमार, सोनू, दीपक, निखिल, सरफराज, अंकित समेत कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया और भविष्य में भी ऐसे मुद्दों पर आवाज उठाने की बात कही।













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