सुरक्षित शनिवार के तहत मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम में शनिवार को लू से खतरे एवं बचाव की जानकारी बच्चों को दी गयी. प्रखंड के प्राथमिक, मध्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को आपदा से संबंधित जानकारी फोकल शिक्षकों ने दी.

बच्चों को बताया कि लू लगने से शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस अर्थात 104 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर बढ़ जाता है. फलत: शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है. त्वचा गर्म हो जाती है. मितली और उल्टी होने लगती है.


लू लगने पर उल्टी आना और शरीर में तेज दर्द होना आम बात है. उल्टी होने के कारण शरीर में सोडियम और पोटेशियम का संतुलन बिगड़ा जाता है. कमजोर इम्युनिटी वाले या शारीरिक रुप से कमजोर लोग लूं लगने से बेहोश भी हो जाते हैं.


लू लगने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. लू लगने से मस्तिष्क, हृदय और अन्य अंगों को नुक़सान पहुंचा सकता है. इसलिए लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी ताकि शरीर को हाइड्रेटेड रखा जा सके.


शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की भी सलाह बच्चों को दी गयी. धूप में निकलते समय सिर ढंककर यथासंभव छाता के उपयोग करने, ठंडा पानी, ठंडा खाना खाने की सलाह दी गयी. भोजन में मसालेदार और चिकनाई युक्त भोजन से परहेज़ की बात भी बतायी गयी.





























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