लोकसभा चुनाव 2024: आरा में बीजेपी के कैंडिडेट और केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह जीत की हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में हैं। अगर आरके सिंह ये कर पाते हैं तो आरा से लगातार तीन बार जीतने वाले पहले सांसद होंगे।
आरके सिंह आरा सीट से लगातार दो बार जीतने वाले दूसरे एमपी भी हैं। उनसे पहले चंद्रदेव प्रसाद वर्मा को ही लगातार दूसरी जीत मिली। इन दोनों के अलावा इस सीट से कोई सांसद दोबारा नहीं जीत पाया है। सिंह के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से सीपीआई-माले के सुदामा प्रसाद लड़ रहे हैं जो इसी लोकसभा के अंदर तरारी सीट से विधायक भी हैं। लोकसभा के अंदर की सात विधानसभा सीटों में तीन पर आरजेडी और दो-दो सीट पर माले और भाजपा के विधायक हैं। भाजपा के नेता सुदामा प्रसाद को नक्सली बताते हैं और कहते हैं कि आरके सिंह को कोई चुनौती ही नहीं है। आरा में शहरी और ग्रामीण मतदाता स्पष्ट रूप से बंटे हैं इसलिए राजनीतिक बहस और चर्चा भी रंग-बिरंगी है।
आरके सिंह नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाओं के अलावा क्षेत्र में फ्लाईओवर, पुल, बिजली, रेल नेटवर्क जैसे विकास कार्यों के आधार पर वोट मांग रहे हैं तो सुदामा प्रसाद अमीर और गरीब की खाई को वोटरों के बीच उभार रहे हैं। मुद्दों की भरमार है लेकिन आरा में जातीय समीकरण हर बार की तरह सबसे अहम है। चुनाव प्रचार से लगता है कि इस बार लड़ाई कांटे की है। सीपीआई-माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य आरा के साथ-साथ पार्टी को मिली काराकाट और नालंदा में जमकर प्रचार कर रहे हैं। माले की तीनों सीट आखिरी चरण में ही है।
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