राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। पारस ने सीट-बंटवारे में उनकी पार्टी की अनदेखी के कारण मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। वे फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज मंत्री थे। अब पारस की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री किरेन रिजिजू संभालेंगे।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत की राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से पशुपति कुमार पारस का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार, राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री किरेन रिजिजू को उनके मौजूदा पोर्टफोलियो के अलावा, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाए।
पारस ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत में अपनी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) को शामिल नहीं करके उसके साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया था। पारस भाजपा की सहयोगी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के अध्यक्ष हैं।
इससे पहले सोमवार को भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने पारस के प्रतिद्वंद्वी, उनके भतीजे चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को पांच सीट देने की घोषणा की थी। इसमें परिवार का गढ़ हाजीपुर भी शामिल है।
बता दें कि रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी 2020 में उनके निधन के बाद दो हिस्सों में बंट गई। उनके भाई पशुपति पारस राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) और उनके बेटे चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का नेतृत्व करते हैं। अब चाचा पारस की जगह भतीजे चिराग एनडीए का हिस्सा हैं।
चिराग पासवान हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जो 2024 के चुनावों के लिए सीट बंटवारे के समझौते के तहत पार्टी को दी गई है। चिराग के चाचा पारस मौजूदा लोकसभा में इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और वह इस पर अपना दावा पेश करते रहे हैं। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के प्रमुख पारस ने शुक्रवार को कहा था कि वह हाजीपुर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। पारस ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी के अन्य सांसद उन सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वे 2019 के लोकसभा चुनाव में विजयी हुए थे।


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