बेंगलुरु में दो दिनों तक चली विपक्षी एकता की बैठक के बाद मंगलवार को हुई ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शामिल नहीं होना मीडिया की सुर्खियां बन गईं। विपक्ष की ओर से दावा किया जाने लगा कि नीतीश कुमार नाराज होने के कारण पीसी में शामिल नहीं हुए।

हालांकि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने विपक्ष के दावों के सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नीतीश कुमार विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया (INDIA)’ के सूत्रधार हैं और रहेंगे। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद पूरे मामले को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि बेंगलुरु में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरे शामिल नहीं होने की अफवाह फैलाई गई जबकि हकीकत थी कि मेरा मन राजगीर पहुंचने का था।

राजगीर में मलमास मेले का उद्घाटन करने पहुंचे सीएम नीतीश ने पत्रकारों से ये बातें कहीं। नीतीश कुमार ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया को नियंत्रित कर लिया गया है। इस साल या अगले साल चुनाव के बाद मीडिया को मुक्ति मिलेगी और पत्रकार स्वतंत्र रूप से लिख पाएंगे। नीतीश कुमार ने बीजेपी पर भी हमला बोला और कहा कि भाजपाई पुजारी नहीं हो सकते हैं क्योंकि समाज में नफरत फैलाना ही उनका काम है। जबकि पुजारी लोगों को जोड़ते हैं तोड़ते नहीं।















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