पटना: रामनवमी के बाद बिहार के कई शहरों में सांप्रदायिक हिंसा की वा’रदातें हुई। सासाराम और बिहार शरीफ में गो’लीबारी, ब’मबाजी और ह’त्या जैसी घट’नाएं भी हुईं। सासाराम हिंसा मामले में पुलिस ने भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद को गि’रफ्तार कर लिया है। इस पर बिहार में राजनीति फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी विधायक के पकड़े जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

पटना में नीतीश कुमार से बीजेपी नेता की गिर’फ्तारी पर सवाल किया तो सीएम नीतीश भड़क गए। उन्होंने कहा कि मैंने तो पहले ही कह दिया था की बिल्कुल गहनता से जांच होगी और जो भी इसमें आएगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह किसी भी पार्टी या दल से ताल्लुक रखता हो। इस मामले में पुलिस मुस्तैदी से अपना काम कर रही है।
पुलिस की गिर’फ्तारी को सही करार देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जो गलत करेगा उसको तो जेल जाना ही पड़ेगा। आप सभी लोग जानते हैं कि हम किसी को पकड़ने या किसी को छोड़ने के लिए कभी नहीं कहते हैं। हां चीजों को ठीक से और देख समझकर जांच करने के लिए जरूर कहते हैं। इसमें भी वही हुआ। घ’टना के बाद सभी चीजों को देखा गया। पुलिस एक्शन में आई और जो आ’रोपी जांच में आ रहे हैं वे पकड़े जा रहे हैं। इसमें हमने कहीं कोई हस्तक्षेप नहीं किया है।

एक सवाल के जवाब में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम किसी की बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि कौन क्या बोल रहा है। दरअसल रामनवमी हिंसा को लेकर बीजेपी सरकार पर लगातार हमला बोल रही थी।इस कांड में भाजपा के नेता गि’रफ्तार हुए तो नीतीश कुमार ने भी तीखा वार कर दिया। बताते चलें कि सासाराम में रामनवमी हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी से विधायक रहे जवाहर प्रसाद को गिर’फ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके घर से उन्हें गि’रफ्तार किया। मामले में शाहनवाज आलम उर्फ लखानी को भी गिर’फ्तार किया गया है।
रोहतास एसपी विनीत कुमार ने बताया कि अभी तक 63 अभियुक्तों को सासाराम हिंसा के मामले में पकड़ा जा चुका है। अभी 38 आरो’पियों की गिर’फ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। पुलिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है।
बीते 31 मार्च को दुर्गा पूजा रामनवमी की शोभायात्रा जुलूस के बाद दो पक्षों के बीच तनाव हो गया। जिसमें काफी उपद्रव, आ’गजनी और तो’ड़फोड़ की गई। ब’मबारी और गो’लीबारी की घट’नाएं भी हुई। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। इंटरनेट पर भी रोक लगा दी गई। काफी दिनों बाद हालात सामान्य हुए।












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