मुजफ्फरपुर में समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) द्वारा माह सितम्बर को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में बहुत सारी गतिविधियों का आयोजन करते हुए सभी विभागों के समन्वय के साथ आम जनों को विशेषकर गर्भवती धातृ माताएं 0-6 वर्ष के बच्चों, किशोरी बालिकाओं को बेहतर स्वास्थय एवं पोषण हेतु जागरुक कराया गया हैं।
इसके तहत जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं जिला समन्वयक द्वारा संयुक्त रुप से पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर सदर अस्पताल से रवाना किया गया, जो विभिन्न प्रखंडों में जाकर पोषण संदेश दिया।
साथ ही जिलाधिकारी ने पोषण पुर्नवास केन्द्र जाकर वहां विभिन्न प्रखंडों से आए हुए अतिकुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी ली तथा सभी माताओं को आईसीडीएस के सौजन्य से स्वच्छता किट का वितरण किया। बेहतर पोषण के लिए स्वच्छता, उचित आहार के महत्व के बारे में परामर्श दिया।साथ ही सभागार में पोषण समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि इस बार पोषण माह का थीम “पोषण भी पढ़ाई भी है, अर्थात् आंगनबाड़ी केन्द्रों को सिर्फ प्री स्कूल पढ़ाई, पूरक पोषाहार केन्द्र न समझकर पढ़ाई के साथ-साथ पोषण परामर्श केन्द्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
पोषण माह के अन्तर्गत 2 लाख 48 हजार 366 गतिविधियों को पोषण अभियान के डैश बोर्ड पर दर्ज किया गया है। 01 सितम्बर से 17 सितम्बर तक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वृद्धि निगरानी का आयोजन किया गया जिसमें 0-6 वर्ष के सभी बच्चों का वजन एवं लम्बाई मापा गया ताकि उम्र के अनुसार बच्चों के पोषण स्तर की जानकारी प्राप्त की जा सके।
आई.सी.डी.एस. के तहत सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अन्तर्गत सितम्बर 2022 तक लक्ष्य 13240 लाभुकों को लाभ देना है, जिसके विरुद्ध 11,618 लाभुकों का आवेदन अपलोड किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया।
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