बिहार में अगले 5 दिन तक मानसून पूरी तरह से एक्टिव रहेगा। राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दिखने को मिल रही है। किसानों को काफी फायदा मिला है। आम लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं लगातार हो रहे बारिश से गंगा और कोसी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बना हुआ है।
पटना और भागलपुर समेत कई इलाकों में गंगा के जलस्तर में वृद्धि से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने पटना सदर, दानापुर, मनेर और मोकामा के सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है।
मौसम विभाग ने पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर और बांका में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण में मध्यम और हल्की बारिश की संभावना जताई है।
इधर, पश्चिम बंगाल में गंगा नदी पर बने फरक्का बराज के 63 गेट खोले गए हैं। इससे 13 से 17 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इसके साथ ही बचे हुए 45 गेट को भी खोलने की तैयारी की जा रही है। यदि सभी गेट खोल दिए जाए, तो लगभग 23 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने के आसार हैं। वहीं बिहार में कोसी बराज के 19 फाटक खोले गए हैं।
बिहार में बाढ़ की स्थित कंट्रोल करने के लिए 17 दिनों तक मौसम सामान्य होने की ज़रुरत है। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक 15 सितंबर तक बारिश से राहत नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार ट्रफ रेखा और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से बारिश का आवरण बनता है।
बिहार में अगले पांच दिनों तक बारिश का सिस्टम सक्रिय है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। आज बिहार के जिन जिलों में मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। बिहार में सबसे अधिक बारिश अररिया में तो पटना में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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