बिहार की राजधानी पटना में एक सिपाही ने न सिर्फ वर्दी की गरिमा को तार तार किया बल्कि अपरा’धी बन गया। खुद को अधिकारी बताकर उसने एक दिव्यांग दुकानदार को हिरासत मे लेने के बहाने अगवा कर लिया।

यह वाक्या गर्दनीबाग थाना इलाके के चितकोहरा बाजार का है। एक आम आदमी की जागरुकता से वह पकड़ा गया तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है। सिपाही का नाम चिंटू कुमार है।

कैमूर पुलिस लाइन में तैनात सिपाही चिंटू कुमार ने रविवार की शाम को पहले एक पान दुकानदार पर गांजा बेचने का आरोप लगाया। फिर उसके गल्ले से 1540 रुपये निकाल लिये। उसने दुकानदार से खुद को पहले आयकर का अधिकारी बताया। फिर आयकर का सिपाही भी बताया।

इधर, जब पान दुकानदार दिव्यांग सुरेश यादव ने सिपाही को रुपये देने से इनकार कर दिया तो उसने अपने एक साथी व निजी अस्पताल में गार्ड का काम करने वाले राकेश कुमार के साथ मिलकर उसे उठाकर ले गया।

यह सब कुछ देख रहे एक व्यक्ति ने पुलिस को कॉल कर दुकानदार का अपहरण होने की खबर दी। बाद में हरकत में आयी गर्दनीबाग थाने की पुलिस ने उसके भागने की दिशा में पीछा किया। पुलिस ने सिपाही और अस्पताल के गार्ड को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से दुकानदार को बरामद कर लिया। सिपाही के पास से दुकानदार के 1540 रुपये, चार मोबाइल और एक बाइक जब्त की गई है।

पीड़ित सुरेश यादव मूल रूप से जहानाबाद जिले के काको का रहने वाला है। वह अमलाटोला चितकोहरा गली के पास पान दुकान चलाता है। बीते रविवार की शाम सिपाही व उसका साथी राकेश दुकानदार सुरेश के पास पहुंचे और उस पर गांजा बेचने का आरोप लगाने लगे।

इसी दौरान सिपाही ने पान दुकान के गल्ले से नगद रुपये निकाल लिये। जब पान दुकानदार ने रुपये नहीं दिये तो सिपाही ने जबरदस्ती सुरेश क्रो बाइक पर बैठा लिया। गर्दनीबाग थाने में सिपाही व गार्ड के पर केस दर्ज जेल भेज दिया गया।
















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