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बिहार में ऐसे रोकी जाएगी बिजली की चो’री! जानें क्या हैं कंपनी की रणनीति

बिहार में हो रही लगभग एक चौथाई बिजली चो’री को रोकने के लिए बिजली कंपनी ने रणनीति बना ली है। इसके तहत कंपनी ने सभी सर्किल स्तर पर एसटीएफ का गठन करने का निर्णय लिया है। अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में गठित होने वाले इस धावा बल में पर्याप्त संख्या में कर्मी व अधिकारी तैनात किए जाएंगे ताकि बिजली चोरी पर लगाम लगायी जा सके। आकलन के अनुसार बिजली कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 17 हजार 581 करोड़ की बिजली की खरीदारी की।

इसमें से 25 फीसदी की चोरी यानी 4395 करोड़ रुपए की बिजली चोरी हो गई। बिजली कंपनी के मुताबिक उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 70 लाख तक पहुंच गई है। ऐसे में बिजली चोरी भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए कंपनी ने सर्किल स्तर पर एसटीएफ का गठन करने का निर्णय लिया। कुल 20 कार्यालय होंगे जिसके मुखिया अधीक्षण अभियंता होंगे। कार्यपालक अभियंता, सहायक विद्युत अभियंता व कनीय अभियंता के अलावा हरेक अंचल में एक कंप्यूटर ऑपरेटर, कार्यपालक सहायक व एक परिचर की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी।

बिजली कंपनी अभी शहरी क्षेत्र के 23.5 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्री-पेड बिजली मीटर लगा रही है। अगले चरण में 36 लाख बिजली उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा छह शहरों गया, भागलपुर, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया व दरभंगा में स्काडा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इससे राज्य में हो रही बिजली आपूर्ति की रियल टाइम निगरानी होगी।

34205 मिलियन यूनिट बिजली की खरीदारी कंपनी ने की

2039 मिलियन यूनिट यानी 5.96 फीसदी बिजली संचरण नुकसान
32 166 मिलियन यूनिट बिजली लोगों को दी गई
24341 मिलियन यूनिट का बिजली बिल निकला
32.16 फीसदी कुल संचरण-वितरण का हुआ नुकसान

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