बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें एक बार फिर बढ़ोत्तरी 6 फरवरी तक कर दी गयी हैं। ऐसे में अब ये संक्रमण मूर्ति व्यवसाय के लिए ग्रहण बन गया है। मुज़फ्फरपुर जिले के मूर्तिकारों ने सरकार से गाइडलाइन में बदलाव करने की अपील की हैं। कोरोना काल के कारण मूर्तियां बनाने वालों में डर बना हुआ हैं। क्योंकि स्कूल या शैक्षणिक अन्य संस्था अगर इसी तरह बंद रही तो सरस्वती पूजा भी प्रभावित होगी। मुज़फ्फरपुर जिले के कन्हौली बाजार में बहुत साल से मूर्ति बनाने का कारोबार कर रहे मूर्तिकारों ने अपनी समस्या बताई।
मूर्तिकार सूरज कुमार पासवान ने बताया कि अभी तक एक भी ग्राहक मूर्ति की खरीदी के लिए नहीं आए हैं। अगर सरकार अपने गाइडलाइन मे बदलाव करती हैं तो व्यापार संभव हो पाएगा वरना मूर्तिकार कर्ज में डूब जाएंगे।
आगे कहा कि सरस्वती पुजा तो केवल एक दिन के लिए होता हैं दशहरा की तरह यह 10 दिन का त्योहार नहीं हैं। चुनाव में भी भीर होता हैं लेकिन सरकार उसके लिए नियम निकाल लेती हैं। उन्होंने कहा की छोटी और बड़ी सभी तरह की उन्होंने मूर्तियां बनाई हैं। जिसका मूल्य पांच सौ से लेकर दस हजार तक है। लेकिन महंगी मूर्तियां इस बार नहीं बिक रही है।
मूर्तिकारों द्वारा करीब 150 मूर्तियां बनाई गयी हैं। लेकिन मुश्किल से अस्सी नब्बे मूर्ति की बिक्री ही हो पायी हैं। ऐसे में बाकी की मूर्तियां अगर नहीं बिकती है तो उन्हें भारी आर्थिक क्षति से भुगतना पड़ेगा।

मुजफ्फरपुर: कोरोना, मूर्ति व्यवसाय के लिए ग्रहण, सरकार से की अपील
More from BIHARMore posts in BIHAR »
More from COVID-19More posts in COVID-19 »
- बिहार में फिर लौटा कोरोना वायरस, 3 दिनों में मिले 37 नए केस; अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग
- मुजफ्फरपुर जिले में फिर मिला कोरोना पॉजिटिव मरीज
- गया विष्णुपद मंदिर में बिना मास्क प्रवेश निषेध, कोरोना को लेकर एहतियात
- मुजफ्फरपुर में मिले 4 कोरोना पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
- राजधानी पटना में मिले दो नए कोरोना संक्रमित मरीज, रखा गया होम आइसोलेशन में
More from MUZAFFARPURMore posts in MUZAFFARPUR »
Be First to Comment