बिहार सरकार की तरफ से जीविका दीदियों को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता की एक कड़ी के रूप में उनके हाथों से सिले हुए 10 लाख पोशाक विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को वितरित किये जा चुके हैं।

बिहार सरकार की पहल के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को बाजार से खरीदी गई तैयार पोशाक के बजाय जीविका दीदियों द्वारा घरेलू स्तर पर सिली हुई गुणवत्तापूर्ण पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत अब तक 10 लाख से अधिक पोशाक सेट का वितरण आंगनबाड़ी केंद्रों में किया जा चुका है।


इसके अतिरिक्त पूरे प्रदेश में 1000 से अधिक विद्यालय स्तर पर बच्चों की पोशाक की सिलाई का कार्य जीविका दीदियों के माध्यम से चल रहा है।सरकार की तरफ से महिलाओ को रोजगार देने की योजना के तहत इस पहल का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण महिलाओं को हुआ है।


हजारों जीविका दीदियों को अपने घर के पास ही सिलाई का काम मिल रहा है, जिससे उन्हें औसतन 10 हजार रुपये प्रति माह की आमदनी हो रही है। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना भी बढ़ रही है।


























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