बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुद्दढ़, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर 11 जिलों में पदस्थापित ग्रामीण एसपी (पुलिस अधीक्षक) के कार्यक्षेत्र और अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया है। वर्ष 2022 में सृजित इन पदों के अंतर्गत आने वाले अनुमंडलों और थानों का निर्धारण कर प्रशासनिक संरचना को नई मजबूती दी गई है।

जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित जिलों में पदस्थापित ग्रामीण एसपी के अधीन आने वाले अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) और थानों की संख्या तय कर दी गई है। इससे कार्य विभाजन स्पष्ट होगा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।



इसके तहत गयाजी जिले के नीमचक बथानी, टिकारी, इमामगंज, शेरघाटी-1 और शेरघाटी-2 के एसडीपीओ सहित कुल 33 थाने, रोहतास जिले के सासाराम मुख्यालय कोचस (एसडीपीओ-2), डिहरी (एसडीपीओ-2) और विक्रमगंज अनुमंडल के 28 थाने, मुंगेर जिले का सदर, तारापुर और हवेली खड़गपुर अनुमंडल के 12 थाने, बेगूसराय का मंझौल, बखरी और बलिया अनुमंडल के 11 थाने, भागलपुर का कहलगांव-1, कहलगांव-2 और विधि- व्यवस्था डीएसपी के अधीन 18 थाने, पूर्णिया का बायसी, बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल के 18 थाने, सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के नौ थाने, दरभंगा जिले के बेनीपुर, बिरौल और सदर (एसडीपीओ-2) के 19 थाने, मुजफ्फरपुर जिले के पूर्वी-1, पूर्वी-2 और सरैया अनुमंडल के 24 थाने, सारण जिले के मढ़ौरा-1, मढ़ौरा-2 और सोनपुर अनुमंडल के 18 थाने और बेतिया का सदर-2 और नरकटियागंज अनुमंडल के 21 थाने आरक्षी अधीक्षक (ग्रामीण) के अधीन होंगे।



संबंधित जिलों में आरक्षी अधीक्षक कार्यालय की शाखाओं का बंटवारा जिला आरक्षी अधीक्षक द्वारा एसपी (ग्रामीण) और अन्य अधिकारियों के बीच किया जायेगा।











Be First to Comment