आय और संपत्ति के बीच भारी अंतर
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंसारूल हक ने सरकारी वेतन से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है. प्राथमिक जांच में आय और संपत्ति के बीच भारी अंतर पाए जाने के बाद निगरानी ने थाना कांड संख्या 113/25 दर्ज कर छापेमारी का निर्णय लिया. मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद निगरानी की चार टीमों ने बुधवार को एक साथ छापेमारी की.

चार ठिकानों पर छापेमारी
दरभंगा जिले के लालबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत जमालपुरा नया टोला मस्जिद के पास स्थित अभियंता के दो आवास और एक कार्यालय में छापेमारी की गई. जबकि मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र के हरिराहा पंचायत अंतर्गत लदनियां स्थित पैतृक घर की भी तलाशी ली गई.

कितनी है संपत्ति?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मो. अंसारूल हक ने करीब 1 करोड़ 46 लाख 95 हजार 530 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 458.72 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है. इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है. अंसारूल हक ने योजना एवं विकास विभाग में महज चार महीने पहले ही योगदान दिया था, इससे पहले वे मनरेगा में कार्यरत थे
तीन मंजिला मकान से लेकर कई प्लॉट तक
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि अंसारूल हक ने दरभंगा में दो स्थानों पर तीन मंजिला मकान बनवाए हैं, जबकि गांव में कई प्लॉट खरीदकर पक्का मकान भी खड़ा किया गया है. निगरानी टीम सभी संपत्तियों के स्रोत की जांच में जुटी है. निगरानी डीएसपी शशि शेखर चौधरी ने बताया कि दरभंगा कार्यालय समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की गई, जो अब समाप्त हो चुकी है.
क्या-क्या हुआ बरामद?
वहीं छापेमारी के दौरान 20 बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, जमीन-जायदाद के कागजात और इंश्योरेंस में निवेश के प्रमाण मिले हैं. इसके अलावा एक लाइसेंसी 9 एमएम पिस्टल, एक कार, एक मिनी ट्रक और एक बाइक भी जब्त की गई है. निगरानी अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है. कनीय अभियंता अंसारूल हक पिछले दो दिनों से छुट्टी पर हैं और किसी कार्य से दिल्ली गए हुए हैं, उनके आने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी.
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